कुरुक्षेत्र। प्राचीन दु:खभंजन महादेव मंदिर में शिवजी की पूजा करते श्रद्धालु। स्वयं
कुरुक्षेत्र। प्राचीन दु:खभंजन महादेव मंदिर में सोमवार को भक्तों ने सर्वसुख शांति के लिए हवन कर पूजा-अर्चना की। शिवलिंग को रुद्राक्षमाला और फूलों से सजाया गया। पुजारी सुशील शास्त्री ने कहा कि सोमवार को शिवजी की आराधना का अर्थ है, चंद्रदेव को प्रसन्न करना। शिव बाबा को नीलकंठ भी कहा जाता है। समुद्र मंथन के समय उन्होंने अपने कंठ में विष का धारण किया था। शिव की पूजा और बेल पत्र अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस अवसर पर प्रबंधक एचके पाल, कुलवंत सिंह भट्टी, ज्ञान पराशर, राजकुमार शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, राजपाल कोहली, रमेश अरोड़ा, यशपाल शर्मा, प्रदीप तिवारी, सुभाष, गुलाब सिंह, जवाहर मौद्गिल, हर्षित मिगलानी और सत्यनारायण शर्मा सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। प्राचीन दु:खभंजन महादेव मंदिर में शिवजी की पूजा करते श्रद्धालु। स्वयं