कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने गांधी नगर स्थित शराब दुकान पर चार अक्टूबर 2021 को हुई कथित लूट, फायरिंग और हमले के मामले में चार आरोपियों हरजीत सिंह, परमवीर उर्फ प्रिंस, रजत और विशाल उर्फ सनी को आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों में गंभीर खामियां पाईं, जिससे मामला संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सका।
मामला थाना कृष्णा गेट में दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 307 (हत्या का प्रयास), 394 (डकैती), 427 (उपद्रव), 379B (स्नैचिंग), 201 (साक्ष्य मिटाना), 506 (आपराधिक धमकी) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 लगाई गई थी।
शिकायतकर्ता राम सिंह ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे मुंह ढके चार हमलावरों ने देशी पिस्तौलों से फायरिंग की, छर्रे लगने से वह घायल हुआ, नकदी लूटी गई और सीसीटीवी कैमरा तोड़ा गया। अभियोजन ने 19 गवाहों और 53 दस्तावेजों के अलावा सीसीटीवी फुटेज पेश किए।
हालांकि अदालत ने पाया कि हमलावरों के चेहरे ढके होने से पहचान परेड अनिवार्य थी, जो नहीं कराई गई। राम सिंह ने आरोपियों को पहले नहीं पहचाना और सीसीटीवी में हाव-भाव दिखाने के बाद पहचान की, जबकि नाम रवि शर्मा ने बताए। रवि शर्मा का धारा 65 बी प्रमाणपत्र अविश्वसनीय ठहराया गया, क्योंकि वह दुकान मालिक या डीवीआर नियंत्रक सिद्ध नहीं हुआ।
इसके अलावा फायरिंग का खाली कारतूस नहीं मिला, 27 हजार लूटी राशि की पुष्टि नहीं हुई और जांच अधिकारी ने बिक्री रजिस्टर जांचा तक नहीं। हथियार बरामदगी 2022 की थी, घटना तिथि अक्टूबर 2021 से संबंधित थी तो कोई ठोस साक्ष्य नहीं बन पाई। अदालत ने कहा अभियोजन संदेह से परे मामला सिद्ध करने में असफल रहा है। आरोपियों की जमानतें रद्द कर दी गई। हिरासत में रहे परमवीर और विशाल को रिहा करने के आदेश दिए गए, यदि अन्य मामले में आरोपी न हों।