संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल में 11वीं की एक छात्रा के साथ फीस के लिए दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि बकाया फीस के कारण छात्रा को परीक्षा देने से रोका गया और उसे कई घंटों तक एक कमरे में बंद रखा गया जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छात्रा के पिता बाबू राम ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने स्कूल में करीब 50 हजार रुपये एडवांस फीस जमा करवाई थी, इसके बाद भी छात्रा को 13 व 17 मार्च को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। जब छात्रा परीक्षा देने के लिए स्कूल बस में चढ़ने लगी तो उसे उतार दिया गया जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। शिकायत के बाद एसडीएम इंद्री रमन गुप्ता तथा खंड शिक्षा अधिकारी गुरनाम सिंह ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। खंड शिक्षा अधिकारी गुरनाम सिंह ने कहा कि आरटीई नियमों के तहत फीस के कारण किसी भी छात्र को परीक्षा से नहीं रोका जा सकता।
छात्रों ने नहीं दी परीक्षा : एसडीएम
एसडीएम रमन गुप्ता ने बताया कि छात्रा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई है। छात्रा ने निर्धारित तिथियों पर परीक्षा नहीं दी थी, हालांकि बाद में 24 और 25 तारीख को शेष परीक्षा दिलवाई गई। छात्रा को टीसी सहित अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
खराब स्वास्थ्य के कारण परीक्षा देने नहीं आई : स्कूल निदेशक
स्कूल निदेशक अश्विनी कांबोज ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि छात्रा खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर परीक्षा देने नहीं आई थी और उसे बंद नहीं किया गया था। छात्रा पुस्तकालय में बैठी थी और परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई थी। छात्रा पढ़ाई में कमजोर थी और परिणाम में किसी तरह का पक्षपात नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज सीमित अवधि के लिए स्टोर होती है। समय अधिक बीत जाने के कारण फुटेज उपलब्ध करवाना संभव नहीं है।