संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। धान घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है। अब इंद्री में नन्हेड़ा रोड पर स्थित एएस राइस मिल में सरकारी धान में बड़ी गड़बड़ी पाई गई है। 2.31 करोड़ रुपये के गबन का अंदेशा है। भौतिक सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ।
मिल में सरकार द्वारा अलॉट किए गए धान में से 976.575 एमटी धान कम पाया गया, जिस धान की सरकारी रेट के हिसाब से कीमत दो करोड़ 31 लाख 35 हजार 62 रुपये है। मामले में हरियाणा राज्य भंडारण निगम की जिला प्रबंधक रेशू दहिया की शिकायत पर इंद्री थाने में मिल के दोनों पार्टनर संचालकों अशोक कुमार और संजय कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिले में धान घोटाले में यह छठी एफआईआर है।
सोमवार को असंध एसडीएम राहुल के नेतृत्व में निरीक्षण टीम ने इंद्री के एएस राइस मिल का भौतिक सत्यापन किया था। स्टॉक और तैयार चावल के रिकॉर्ड की जांच की गई। अलॉट किए गए 3723.375 मीट्रिक टन धान में से 976.575 मीट्रिक टन कम मिला। मिल मालिकों ने 593.9 मीट्रिक टन चावल को दिखाया लेकिन जांच में सामने आया कि यह सरकारी धान से तैयार नहीं हुआ है।
593.9 मीट्रिक टन चावल जांच में पुराना निकला
मिल को 2025-26 के लिए कुल 3723.375 मीट्रिक टन सरकारी धान अलॉट किया गया था। मिल प्रबंधन ने 593.9 मीट्रिक टन चावल मिल्ड दिखाया था। निरीक्षण टीम ने इस चावल की पुष्टि के लिए एफसीआई के प्रबंधक प्रदीप और गौरव से एमआईएम टेस्ट किया। इसमें यह साबित नहीं हो पाया कि यह चावल सरकारी धान की कुटाई का है। चावल पुराना व संदिग्ध पाया गया। जांच में सामने आया कि मिल मालिकों ने यह धान बाहरी राज्यों से कम कीमत पर मंगवाकर लगाया हुआ है।
कटिंग और ओवरराइटिंग से गड़बडी का अंदेशा
सत्यापन के दौरान स्टॉक का गलत मिलान, ओवरराइटिंग और अधूरे दस्तावेज सहित अन्य कई कमियां मिली हैं। आरोपी मिल प्रबंधन टीम के समक्ष अपना आवश्यक रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं कर पाया। भंडारण निगम की टीम का मानना है कि मिल में बड़े स्तर पर सरकारी धान की हेराफेरी हुई है। मिल प्रबंधन टीम के समक्ष चोकर बिक्री की रसीद, चोकर के निकासी से संबंधित बिल की रसीद, भूसे की अतिरिक्त ब्रिकी की रसीद, मिल में पाई गई मक्का की बोरियों की रसीद पेश नहीं कर पाया।
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हरियाणा राज्य भंडारण निगम की जिला प्रबंधक रेशू दहिया की शिकायत पर एएस मिल पार्टनर संचालक अशोक कुमार वासी चोरा गांव और संजय कुमार निवासी निरंकारी काॅलोनी इंद्री के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन का केस दर्ज किया है। जांच में सामने आए तथ्यों की पुष्टि की जा रही है और रिकॉर्ड कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विपिन कुमार, प्रभारी, इंद्री थाना