संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार को पहले दिन 10वीं कक्षा की गणित विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। जिले में कुल 5657 परीक्षार्थियों ने गणित का पेपर दिया। सरल प्रश्नपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए।
परीक्षा के लिए विद्यार्थियों में पहले से उत्सुकता के साथ हल्का तनाव भी देखा गया, लेकिन प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान आने से परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
कैथल ब्लॉक में परीक्षा के लिए कुल 8 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें प्रमुख रूप से आरकेएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल रहा। इसके अलावा पूंडरी क्षेत्र में 3 केंद्र, कलायत में 1 तथा गुहला में 3 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए। सभी केंद्रों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए गए थे। प्रत्येक केंद्र के बाहर पुलिस बल तैनात रहा।
निर्धारित समय पर परीक्षार्थी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचे। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र अधीक्षकों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा कक्षों में प्रवेश से पूर्व विद्यार्थियों की गहन जांच की गई। शिक्षा विभाग के उड़नदस्ते भी सक्रिय रहे और विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
गणित विषय को सामान्यतः कठिन माना जाता है, लेकिन इस बार प्रश्नपत्र संतुलित और पाठ्यक्रम आधारित बताया गया। अधिकांश विद्यार्थियों के अनुसार प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे। लंबी गणनाओं वाले प्रश्न अपेक्षाकृत कम रहे तथा आंतरिक विकल्पों ने भी विद्यार्थियों को राहत दी।
परीक्षा केंद्रों के बाहर लागू रही धारा 163 : प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 163 लागू कर अनावश्यक भीड़ को रोकने के प्रबंध किए।
पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और कहीं से किसी प्रकार की अनुचित गतिविधि की सूचना नहीं मिली। केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानें भी बंद रहीं।
समय से पहले पूरा कर लिया था प्रश्नपत्र
जाखौली गांव से परीक्षा देने आए छात्र दीपांशु ने बताया कि उन्होंने निर्धारित समय से पहले ही प्रश्नपत्र पूरा कर लिया। परीक्षा से पहले मन में काफी चिंता थी, लेकिन प्रश्नपत्र देखने के बाद सारी उलझन दूर हो गई। उन्होंने पेपर को आसान बताया।
पेपर देख डर हुआ दूर, बढ़ा आत्मविश्वास
छात्र केशव ने कहा कि उसे गणित विषय से डर लगता था, लेकिन इस बार का पेपर देखकर उसका आत्मविश्वास बढ़ गया है। अब उसे 60 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद है। सरल पेपर आने से साथियों ने भी खुशी जताई।
एनसीईआरटी आधारित प्रश्नों से मिली राहत
छात्र भावेष ने कहा कि प्रश्नपत्र अपेक्षा से आसान था और अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी पर आधारित थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने ट्यूशन का सहारा नहीं लिया और स्वअध्ययन पर भरोसा किया। सभी प्रश्न हल कर आत्मविश्वास के साथ केंद्र से बाहर निकले।
गणित का पेपर रहता है अहम
गौरतलब है कि 10वीं कक्षा के लिए गणित का पेपर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव समग्र परिणाम पर पड़ता है। इस बार प्रश्नपत्र के सरल और स्पष्ट होने से विद्यार्थियों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। परीक्षा समाप्ति के बाद छात्र समूहों में प्रश्नों पर चर्चा करते और संभावित अंकों का अनुमान लगाते नजर आए। बेहतर व्यवस्थाओं और आसान प्रश्नपत्र के चलते विद्यार्थियों व अभिभावकों में संतोष दिखाई दिया। अब विद्यार्थियों की नजर आगामी परीक्षाओं पर है और वे पूरे उत्साह से तैयारी में जुट गए हैं।
दीपांशु
दीपांशु
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