संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। डीएवी कॉलेज में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान ने स्वदेशी संकल्प दौड़ को हरी झंडी दिखाकर की। इस दौड़ में कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस और अन्य विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दौड़ के बाद कॉलेज सभागार में स्वदेशी संकल्प सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी ईश्वर सिंह कन्या महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. अमिता राणा उपस्थित हुईं।
कार्यकारी प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान ने डॉ. अमिता राणा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य वक्तव्य में डॉ. अमिता राणा ने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के सुझाए गुण—एकाग्रता, आत्मनिर्भरता, साहस और अध्ययनशीलता—को अपनाने का संदेश विद्यार्थियों को दिया।
डॉ. राणा ने आत्मनिर्भरता के सच्चे अर्थ को विस्तार से समझाया और कहा कि हमें संकल्पित होकर दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करना चाहिए। कार्यकारी प्राचार्य डॉ. तुरान ने स्वामी विवेकानंद के जीवन की प्रेरक कहानियों को विद्यार्थियों
के साथ साझा करते हुए कहा कि दुनिया के महान कार्य युवा ही करते हैं। भारत एक युवा राष्ट्र है, और यदि युवा अपनी शक्ति को पहचान लें तो असंभव कार्य भी संभव हो सकता है।
वाणिज्य संकाय की प्राध्यापिका परमिंदर कौर ने छात्रों को स्वामी विवेकानंद के महान कथन “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लो” को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने मुख्य वक्ता को ओ३म् स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन इतिहास विषय के प्राध्यापक दीपक राणा ने किया। इस अवसर पर लाइब्रेरी अध्यक्षा डॉ. सिमरजीत कौर, डॉ. विश्वजीत, डॉ. गीतांजलि, कविता और सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।