संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में घने कोहरे और सर्दी के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दो दिनों से धूप के बाद शुक्रवार को सुबह से ही अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता सुबह 10 बजे तक केवल 50 से 100 मीटर तक ही रही। इसका सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ा।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई ट्रेनें लेट रहीं, जबकि कुछ की समय सारणी में लगातार बदलाव की सूचना मिलती रही। कोहरे के कारण रेलवे ट्रैक पर सिग्नल साफ दिखाई नहीं देने से ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई।
सड़क मार्गों पर भी हालात चिंताजनक रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला मार्गों पर वाहन बेहद धीमी गति से चल रहे थे। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जिससे जाम जैसी स्थिति बन गई।
नरवाना–कुरुक्षेत्र रेलवे ट्रैक सिंगल होने के कारण कुल सात ट्रेनों में देरी हुई। कैथल से नरवाना व कुरुक्षेत्र जाने वाली ट्रेनों के लिए सुबह और शाम क्रॉसिंग के लिए रोकना पड़ता है।
जिले से कुल सात ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिनमें तीन एक्सप्रेस, तीन पैसेंजर और एक डेमू ट्रेन शामिल है। इन ट्रेनों से अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिमाचल और राजस्थान जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लूप लाइन में ट्रेनों का रुकना बढ़ा समस्या : घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है।
बीते कई दिनों से रात और सुबह आने वाली ट्रेनों को बीच में कई बार लूप लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इससे अन्य ट्रेनों की समय सारणी प्रभावित होती है। उदाहरण के लिए, अंबाला–अंदौरा एक्सप्रेस और साबरमती बिजी एक्सप्रेस घंटों तक लेट हो जाती हैं।
यात्रियों को दूसरी ट्रेन छूट जाने के बाद महंगे किराए वाली बसों से गंतव्य तक जाना पड़ता है।
शुक्रवार को हुई ट्रेनों की देरी
n 19411 दौलतपुर चौक: 42 मिनट की देरी, सुबह 3:30 बजे की बजाय 4:11 बजे पहुंची।
n 64563 रायपुर–हरियाणा: 4 घंटे की देरी, सुबह 6:00 बजे की बजाय 10:12 बजे पहुंची।
n 54038 जींद–कुरुक्षेत्र पैसेंजर: 1 घंटे की देरी।
घने कोहरे के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित है और यात्री इसके चलते असुविधा झेल रहे हैं। -नरेंद्र शर्मा, स्टेशन अधीक्षक