संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कड़ाके की ठंड ने लोगों की दंत स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बढ़ा दिया है। जिला नागरिक अस्पताल में स्थित दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 150 मरीज आ रहे हैं वहीं पहले रोजाना 20-40 मरीज ही पहुंचा करते थे।
मुख्य समस्याओं में मसूड़ों से खून आना, दांतों में झनझनाहट और जबड़े में दर्द जैसी शिकायतें हैं। अधिकांश मरीज दांतों और जबड़े के दर्द के साथ-साथ ठंडा-गर्म लगना जैसी समस्याओं से परेशान हैं। मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल के दंत विभाग में मरीजों की भीड़ लगी रही।
चिकित्सक डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि सर्दियों में दांतों की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ठंड के कारण दांतों की डेटिन और इनेमल लेयर प्रभावित होती है, जिससे झनझनाहट और दर्द पैदा होता है। मसूढ़ों की नसें भी प्रभावित होती हैं, जिससे मसूढ़ों की समस्या बढ़ जाती है। उनकी लोगों को सलाह है कि गर्म कपड़े पहनें, गुनगुने पानी से कुल्ला करें, ठंडी और अत्यधिक ठंडी चीजें कम खाएं, और समय पर उपचार लें। दूसरी ओर खासी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। डाक्टरों का कहना है कि ऊनी कपड़े, स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी और मोजे जरूर पहनें। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, खासकर खुले स्थानों पर।
सर्दी में लार का कम बनना भी दंत रोगों को बढ़ाता है। कुछ बुजुर्ग ठंड में दांत पीसते हैं जिससे जबड़े और दांतों पर तनाव बढ़ता है।
-डॉ. विनय गुप्ता, नागरिक अस्पताल