जींद। शहर के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में वन स्टॉप सेंटर बाधा बना हुआ है। इसको नागरिक अस्पताल से शिफ्ट करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने दो बार नोटिस भी भेजा है लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग अस्पताल प्रशासन की सुनवाई नहीं कर रहा।
वन स्टॉप सखी सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट करवाकर जगह को खाली करवाने के लिए डीजी हेल्थ ने भी अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए थे कि इस जगह को खाली करवाया जाए। इसके बाद भी वन स्टॉप सेंटर की जगह को खाली नहीं करवाया गया।
अब जिला के लोगों को एमआरआई के लिए रोहतक व हिसार का रुख करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का मुख्यालय कई बार सिविल अस्पताल प्रशासन और सिविल सर्जन कार्यालय को पत्र लिखकर एमआरआई ब्लॉक के लिए बिल्डिंग मुहैया करवाने को कह चुका है।
सिविल अस्पताल में पीपीपी मोड के तहत एमआरआई सुविधा शुरू की जानी है। अभी तक यह सुविधा इसलिए शुरू नहीं हो पाई है कि अस्पताल में एमआरआई ब्लॉक के लिए बिल्डिंग उपलब्ध नहीं है।
इसके लिए सिविल अस्पताल प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखकर एक सप्ताह में खाली करवाने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद भी यह खाली नहीं हो पाया। जब तक यह जगह खाली नहीं होती उस समय तक जिला के लोगों को एमआरआई की सुविधा नहीं मिल पाएगी। प्रतिदिन 50 से 60 लोगों को एमआरआई के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन भी वन स्टॉप सेंटर की जगह को खाली करवाने के लिए पूरी तरह से विफल है। सिर्फ पत्र लिखने तक ही सीमित है।
वर्जन
अस्पताल के पुराने भवन में एमआरआई के लिए जो जगह चयनित की गई है। उसको उठवाने के लिए दो बार पत्र भी भेजा गया है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब तक इसको खाली नहीं करवाया। अब दोबारा से पत्र लिखा जाएगा, ताकि जिला के लोगों को एमआरआई की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ, नागरिक अस्पताल