07जेएनडी02-अर्जुन स्टेडियम में बंदरों से पौधों की सुरक्षा करते हुए उपदेश कुमार। संवाद
जींद। जीवन में हर किसी का कोई न कोई जुनून होता है। यह जीवन के किसी भी पड़ाव पर मिलता सकता है। शहर के आयकर विभाग में कार्यरत आईटीओ 58 वर्षीय उपदेश कुमार नौ वर्षों से धरती को हरा-भरा करने में लगे हुए हैं। वह अब तक सैकड़ों पौधे लगा चुके हैं।
पौधों के बड़े होने तक उपदेश उनकी खुद देखभाल करते हैं। वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उपदेश कुमार रोजाना सुबह ही अर्जुन स्टेडियम में आते हैं। वह नल से पानी लेकर अपने हाथों से लगाए हुए पौधों को सींचते हैं।
कभी शहर में दूर-दूर से कांटेदार झाड़ियां लाकर पौधों का बंदरों से बचाव करते हैं। इनको देखकर और भी युवा और अन्य लोग भी प्रेरित हो रहे हैं। पिछले काफी समय से यह कार्य रहे हैं। वे स्कूल, रेलवे स्टेशन समेत अन्य सार्वजनिक जगहों पर पौधे लगा चुके हैं। वर्तमान में स्टेडियम में उन्होंने 50 पौधे लगाए हैं।
उपदेश कुमार बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील एक पेड़ मां के नाम से उन्हें सीख मिली। वे इससे प्रेरित होकर मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। वे सुबह जब दफ्तर से पहले और बाद में जहां-जहां पौधे लगाए हुए हैं, वहां पर रोजाना जाते हैं। अवकाश के दिन तो पूरा दिन पौधों के साथ ही गुजार देते हैं।
उपदेश बताते हैं कि उनको पर्यावरण से बहुत प्रेम है। उनका उद्देश्य है कि शहर को हरा-भरा बनाए ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके। उनको पेड़-पौधों के साथ जीवन बिताना अच्छा लगता है। उनका कहना है कि यदि हम प्रकृति के साथ जुड़े रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। इसलिए प्रकृति से जुड़े रहो।