संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रशासन ने योजना तैयार की है। जिले के सभी तहसील कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं ताकि लोगों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में समस्या न हो।
पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था शुरू होने के बाद से आमजन को पोर्टल संबंधी दिक्कतों और तकनीकी समझ की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई लोग दस्तावेज अपलोड करने, लॉग इन प्रक्रिया और आवेदन के आवश्यक चरणों को पूरा करने में अटक रहे थे। जिसके चलते रजिस्ट्रेशन कार्य धीमा हो गया था।
जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि प्रत्येक पंजीकरण कार्यालय पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती के साथ हेल्प डेस्क बनाई जाए। यहां आने वाले लोगों को आवेदन कैसे करना है, कौन-से दस्तावेज अनिवार्य हैं। फोटो या स्कैन क्वालिटी कैसी होनी चाहिए। पोर्टल पर चरण-दर-चरण प्रक्रिया कैसे पूरी करनी है। इन सभी विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में स्थितियां सामान्य हो जाएंगी और लोगों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए शुरू की पेपरलेस रजिस्ट्री
पेपरलेस रजिस्ट्री का उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना, फर्जीवाड़े को खत्म करना और कार्यप्रणाली को और अधिक सुविधाजनक बनाना है। यह प्रणाली आधुनिक डिजिटल शासन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वर्जन
हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को पेपरलेस रजिस्ट्री से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। लोगों को पेपरलेस रजिस्ट्री आवेदन की प्रक्रिया को भी समझाया जाएगा जिससे वह घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए ही आवेदन कर सकेंगे।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकार, जींद