09जेएनडी27 : पराली की तैयार की गई गांठ। स्रोत प्रशासन
जुलाना। उपमंडल प्रशासन की ओर से गठित कमेटियों के सदस्यों ने शुक्रवार को फसल अवशेष प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गांव-गांव में जाकर किसानों को जागरूक किया। इस अवसर पर एसडीएम होशियार सिंह ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों या पराली में आग लगाने से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि इससे प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता पर भी बुरा असर पड़ता है।
एसडीएम ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। किसानों को सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर, जीरो टिल सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर, श्रेडर और बेलर जैसी मशीनों पर अनुदान दिया जा रहा है ताकि वे आधुनिक तरीके से खेतों में अवशेषों का प्रबंधन कर सकें।
उन्होंने कहा कि ग्राम सचिव और पटवारी प्रतिदिन गांवों के खेतों का निरीक्षण कर किसानों को मुनादी के माध्यम से जागरूक कर रहे हैं। साथ ही सरपंचों की मदद से ग्राम पंचायत स्तर पर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि बीडीओ, तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही हैं। शनिवार को इन टीमों ने किनाना, गतौली, लिजवाना, मेहरड़ा और जैजैवंती जैसे गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के लाभों के बारे में जानकारी दी।