फोटो-61: बहादुरगढ़ में हड़ताल के कारण बंद पड़े पटवारियों के कार्यालय। संवाद
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बहादुरगढ़। दी रेवेन्यू पटवार और कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर शुरू हुए दो दिवसीय सांकेतिक धरने का असर बहादुरगढ़ में भी देखने को मिला। करीब 50 पटवारी हड़ताल पर रहे। पटवारियों ने कार्यालयों पर ताले लगाकर झज्जर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर धरने में हिस्सा लिया। इसके चलते राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए पहुंचे आमजन को काफी परेशानी हुई और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
हड़ताल के कारण लोगों को रिहायशी प्रमाण पत्र, फर्द जमाबंदी, विभिन्न प्रकार की नकल और अन्य राजस्व संबंधी कार्य नहीं हो सके। कई लोग पहले से जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए पटवारियों के कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय बंद मिलने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि राजस्व संबंधी काम समय पर नहीं होने से उनके अन्य सरकारी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
एसोसिएशन ने नए राजस्व पोर्टल में तकनीकी समस्याओं और डिजिटल क्रॉप सर्वे के अव्यावहारिक नियमों के विरोध में धरना शुरू किया है। पटवारियों के अनुसार पोर्टल में रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताएं और तकनीकी दिक्कतें पिछले चार माह से बनी हुई हैं। ई-गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए पर्याप्त टैब उपलब्ध नहीं हैं, जबकि 20 मीटर की सर्वे रेंज को भी अव्यावहारिक बताया गया है।
एसोसिएशन ने 21 अगस्त तक समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। उनकी मांगों में पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर करना, ऑनलाइन कार्य के लिए कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराना, सर्वे के लिए टैब देना, डिजिटल क्रॉप सर्वे की रेंज 150 मीटर करना अथवा इसे निजी एजेंसी से करवाना तथा फेस ऑथेंटिकेशन हटाना शामिल है।