हिसार। हिसार में 157 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट को शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। नगर निगम आयुक्त सी. जयश्रद्धा ने बुधवार को मंत्री के समक्ष प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया।
अब प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। बैठक में शहर में वेस्ट टू वंडर पार्क विकसित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
आईसीसीसी प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को जल्द ही शहरी निकाय विभाग से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत शहर में तकनीकी निगरानी के लिए करीब 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम, ई-चालान, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, जल एवं वायु गुणवत्ता की निगरानी एकीकृत रूप से की जाएगी।
फ्लो मीटर के जरिए पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की जानकारी स्वत: मिलेगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था भी शामिल रहेगी। नागरिकों के लिए आईसीसीसी मोबाइल एप भी विकसित किया जाएगा, जिससे शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज किए जा सकेंगे।
इतना खर्च आने का अनुमान (राशि लाख रुपये में)
निगरानी – 1643.50
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम – 743.50
स्मार्ट वाटर – 259.35
स्मार्ट सीवरेज – 49.14
सिटीजन एंगेजमेंट – 1062.90
आईसीसीसी – 1463.25
डाटा सेंटर – 2295.25
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर – 1407.37
एमपीएलएस नेटवर्क – 1580.00
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटिजेंसी – 983.24
डीआर ऑन क्लाउड – 400.00
ओपेक्स – 1436.58
खाली पड़ी जमीन पर विकसित होंगे वेस्ट टू वंडर पार्क
वेस्ट टू वंडर परियोजना के तहत शहर में अनुपयोगी भवनों और खाली पड़ी नगर निगम की जमीन का उपयोग किया जाएगा। इन स्थानों पर पार्क विकसित किए जाएंगे तथा शहर से निकलने वाले कचरे के पुनर्चक्रण (री-साइक्लिंग) को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग और व्यावसायिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। हिसार की मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की फाइल नए सिरे से मुख्यालय भेजी जाएगी।