अंबाला। अंबाला कैंट और सिटी से हरियाणा रोडवेज की 100 से अधिक बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित होती हैं। इन बसों में अगर किसी यात्री की तबियत खराब हो जाए या सड़क हादसे में बस में सवारियां घायल हो जाएं तो उनके उपचार के लिए दवाएं तक माैजूद नहीं है। वीरवार को अंबाला कैंट बस स्टैंड पर यमुनानगर, झज्जर, सोनीपत, और अंबाला डिपो की पांच बसों में फर्स्ट एड किट को लेकर पड़ताल की गई।
इस पड़ताल में सामने आया कि बसों में यह किटें है हीं नहीं, अगर किसी बस में है भी तो वह खाली थे। यहां तक कि एक बस में तो चालक परिचालकों ने अपने प्रयोग के लिए दवाएं रख रखी थीं। इन बसों के चालक व परिचालकों से बात की गई तो उनका तर्क था कि उनके पास स्थायी तौर पर बसें नहीं हैं, अलग-अलग बसों में ड्यूटी पड़ती है इस कारण से इस व्यवस्था को लागू नहीं कर पाते हैं। वहीं विभाग से भी उन्हें दवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके अलावा इन बसों में किलोमीटर स्कीम की पंचकूला डिपो की बस भी शामिल है।
नारायणगढ़ सब डिपो की बस में अपने लिए रखीं दवाएं
नारायणगढ़ सब डिपो की एचआर 37 जीवी 6338 की बस जो अंबाला छावनी बस स्टैंड से नारायणगढ़ जा रही थी। जब इस बस में चालक से जब फर्स्ट एड बॉक्स के बारे में पूछा गया तो चालक ने बताया कि विभाग की ओर से कोई फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिला है। वहीं उन्होंने अपने लिए पर्सनल फर्स्ट एड बॉक्स रखा हुआ है। इस बॉक्स में उन्होंने अपने लिए वीकासूल के कैप्सूल, नींबू पानी पाउच, पेरासीटामॉल की टेबलेट और एल्पयुल्स की टेबलेट रखी हुई हैं।
यमुनानगर डिपो की बस में खाली मिला फर्स्ट एड बॉक्स
यमुनानगर डिपो की एचआर 38 जीवी 6344 बस जो हरिद्वार से यमुनानगर होते हुए चंडीगढ़ जा रही थी। इस बस में चालक की बैक साइड में फर्स्ट एड का बॉक्स लगा हुआ था। जब इस बॉक्स को खुलवाकर चैक किया तो वह खाली था। इस बॉक्स में कोई भी दवा नहीं थी। इस बारे में चालक ने बताया कि उसे विभाग की ओर से बॉक्स नहीं दिया गया। इसी प्रकार यमुनानगर डिपो की एचआर 38 जीवी 2943 बस जो पौंटा साहिब से अमृतसर जा रही थी। चालक की सीट के पीछे लगा फर्स्ट एड बॉक्स खाली था। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह इस बस पर स्थायी नहीं है। इसलिए उसे इस बारे में जानकारी नहीं है।
झज्जर डिपो की बस में भी नहीं मिली दवाएं
झज्जर डिपो की एचआर 63 जीवी 3909 बस जो झज्जर से चंडीगढ़ जा रही थी। इस बस में चालक सीट के पीछे फर्स्ट एड बॉक्स लगा हुआ था, जो खाली था। चालक ने पूछताछ ने बताया कि उन्हें परमामेंट बस नहीं मिला है उन्हें बदल बदल कर बस दी जाती है। इसलिए इस बस में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं है।
किलोमीटर स्कीम की बस में नहीं है फर्स्ट एड किट
अंबाला छावनी बस अड्डे पंचकूला जा रही पंचकूला डिपो की किलोमीटर स्कीम की बस में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। जब इस बारे में चालक से पूछताछ की गई तो उन्होंनें बताया कि उन्हें विभाग की ओर से नहीं मिला।
संबंधित डिपो के अधिकारियों को इस बाबत पत्र लिख दिया जाएगा। अंबाला डिपो की बसों में भी दवाओं की उपलब्धता दिखवा लेते हैं।
अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो
रोडवेज चालक बस में लगी खाली फर्स्ट एड किट को खोलकर दिखाता हुआ।
रोडवेज चालक बस में लगी खाली फर्स्ट एड किट को खोलकर दिखाता हुआ।
रोडवेज चालक बस में लगी खाली फर्स्ट एड किट को खोलकर दिखाता हुआ।
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