एम्स क्षेत्र के नंदानगर बस स्टैंड के पास से एसटीएफ और वन विभाग ने दबोचा
उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल में करते थे प्रतिबंधित तोते की तस्करी
गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के जंगलों से मंगाए जाते थे पक्षी
गोरखपुर। प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने शुक्रवार रात एम्स क्षेत्र के नंदानगर बस स्टैंड के पास से घेराबंदी कर तस्करी के आरोपी को 100 रिंगनेक (पहाड़ी तोता) के साथ दबोच लिया। तस्करी का आरोपी, प्रतिबंधित पक्षियों को गोरखपुर से पटना ले जाने की फिराक में था।
आरोपी की पहचान तिवारीपुर थाना क्षेत्र निवासी आमिर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक पिंजरा, तीन झोलों में बंद 100 तोते और एक स्कूटी बरामद की गई है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका परिवार कई पीढ़ियों से पक्षियों की तस्करी से जुड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में सामान्य पक्षियों के धंधे में मुनाफा कम होने पर उसने साथियों के साथ प्रतिबंधित पक्षियों की तस्करी शुरू कर दी। बाजार में रिंगनेक (पहाड़ी तोता) समेत अन्य संरक्षित पक्षियों की अच्छी कीमत मिलती है। आरोपी से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के जंगलों से बड़ी संख्या में तोते और अन्य प्रतिबंधित पक्षी मंगाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में तस्करी की जाती थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुट गई है।
एसटीएफ थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार, संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी की सूचना मिलने के बाद प्रदेशभर की इकाइयों को सतर्क किया गया था। इसी क्रम में एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में गोरखपुर में जानकारी जुटाई जा रही थी। सूचना की पुष्टि होने पर गोरखपुर वन विभाग की तिनकोनिया रेंज की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ वन प्रभाग तिनकोनिया रेंज में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।