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मुख्यमंत्री की पहल लाई रंग: धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज पहले से हुई धीमी, लोगों ने जताई खुशी

Sat, 23 Apr 2022 11:17 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गोरखनाथ मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज पहले से काफी धीमी थी। भजन-कीर्तन परिसर के अंदर ही होता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित मानक पर लाउडस्पीकर बजाने का आह्वान किया। लिहाजा, लाउडस्पीकर की आवाज और कम कर दी गई।
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गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद गोरखनाथ मंदिर सहित तमाम धार्मिक स्थलों में लगे लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है। धार्मिक स्थल से जुड़े प्रमुखों का कहना है कि अब तय मानक के अनुसार ही लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं। इसमें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

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लाउडस्पीकर की आवाज परिसर के आसपास तक ही सीमित है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल से धार्मिक स्थलों पर सामान्य मानक के हिसाब से लाउडस्पीकर बजाने का आह्वान किया गया था। इसका संज्ञान लेकर ही गोरक्षपीठ से जुड़े गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर व शीतला देवी मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई।

गोरखनाथ मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज पहले से काफी धीमी थी। भजन-कीर्तन परिसर के अंदर ही होता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित मानक पर लाउडस्पीकर बजाने का आह्वान किया। लिहाजा, लाउडस्पीकर की आवाज और कम कर दी गई। भजन-कीर्तन होता रहता है, लेकिन आवाज परिसर के बाहर नहीं जाती है। मानसरोवर मंदिर और शीतला देवी मंदिर बेतियाहाता का लाउडस्पीकर भी सामान्य तरीके से बज रहा है।

लोगों ने क्या कहा

मंदिर में मानक के अनुसार ही सुबह और शाम लाउडस्पीकर पर भजन बजाए जाते हैं। अब मुख्यमंत्री की पहल का सम्मान किया गया। लाउडस्पीकर की आवाज और भी धीमी कर दी गई है। -महंत रविंद्र दास, कालीबाड़ी मंदिर रेती चौक

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गीता वाटिका में 24 घंटे हरिनाम संकीर्तन होता है, लेकिन इसकी आवाज इतनी कम होती है कि परिसर से बाहर आवाज जाती ही नहीं। कार्यक्रमों में भी जो स्पीकर लगाए जाते हैं, उनके आवाज मानक के अनुरूप रखी जाती है। -उमेश सिंघानिया, सचिव हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति (गीता वाटिका)
 

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सुप्रीम कोर्ट के मानक के अनुरूप लाउडस्पीकर की मदद से अजान दी जाती है। मस्जिदों के कार्यकर्ता इसका अच्छी तरीके से पालन कर और करा रहे हैं, ताकि किसी भी संप्रदाय के लोगों को कोई दिक्कत न हो सके। -मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, इमाम सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह

ध्वनि प्रदूषण को लेकर मुस्लिम समाज जागरूक है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर मानक के अनुसार ही बजाए जा रहे हैं। मानक का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। -मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी, मुफ्ती-ए-गोरखपुर

गुरुद्वारे में जो लाउडस्पीकर लगे हैं, उनकी आवाज गुरुद्वारे के बाहर नहीं आती हैं। किसी आयोजन पर अगर स्पीकर लगाए जाते हैं तो उनकी आवाज मानक के अनुरूप ही रखी जाती है। -जसपाल सिंह, अध्यक्ष गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा जटाशंकर



गुरुद्वारे में लाउड स्पीकर मध्यम गति में बजाए जाते हैं। गुरुनानक जयंती, गुरु गोविंद सिंह आदि गुरु पर्व पर जो अलग से लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं, उन्हें भी मानक के अनुसार बजाया जाता है। -सरदार मनमोहन सिंह, सचिव मोहद्दीपुर गुरुद्वारा समिति

चर्च पर लाउडस्पीकर लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। विशेष अवसरों पर चर्च में स्पीकर लगाए जाते हैं, जो मानक के अनुसार मधुर आवाज में ही बजाए जाते हैं, ताकि चर्च के बाहर आवाज न जाए। - रेव्ह संजय विंसेंट, पुरोहित सेंट थॉमस चर्च धर्मपुर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो भी निर्देश दिया है, उसका सभी को पालन करना चाहिए। चर्च में सिर्फ घंटा बजाए जाने का रिवाज है। चर्च में लाउडस्पीकर की कोई व्यवस्था नहीं होती है।- रेव्ह अजीत लॉरेंस, पुरोहित सेंट मार्क चर्च स्टैंनपुर पादरी बाजार

गोरखनाथ मंदिर में 45 डेसीबल से कम होगी ध्वनि
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गोरखनाथ मंदिर में सुबह और शाम बजने वाले भजन की आवाज 45 डेसीबल से कम रहेगी। गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन के अनुसार, गोरखनाथ मंदिर से जुड़े मानसरोवर मंदिर अंधियारीबाग और मंगला माता मंदिर बेतियाहाता में भी बजने वाले भजन की आवाज भी 45 डेसीबल से कम रखी जाएगी, ताकि किसी को भी कोई परेशानी न हो। बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन ने मानक से भी कम आवाज में लाउड स्पीकर पर भजन बजाने का निर्णय लिया है। संवाद
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