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गोरखपुर: ग्रेनबेस्ड इथेनॉल प्लांट के लिए गीडा, सीईओ ने किया भूमि का निरीक्षण

Fri, 22 Apr 2022 11:34 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

बलिया में राइस मिल संचालित करने वाले विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस प्लांट की स्थापना के लिए इंडियन ऑयल के साथ अनुबंध (एमओयू) हो चुका है। इसके अलावा शासन ने भी इस प्लांट की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी है।
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गीडा में बनने वाली ग्रेनबेस्ट इथेनॉल प्लांट के लिए जमीन का मुआयना करते सीईओ पवन अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गीडा में बनने वाले ग्रेनबेस्ड (अनाज आधारित) इथेनॉल प्लांट के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) सीईओ ने सेक्टर 26 भीटी रावत में जमीन का मुआयना किया।

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मेसर्स केयान डिस्टिलरी प्लांट के लिए गीडा प्रशासन पहले ही 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा चुका है। करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस प्लांट के लिए कुल 80 एकड़ जमीन की मांग की गई है।

इंडियन ऑयल के साथ मिलकर बलिया की कंपनी मेसर्स केयान डिस्टिलरी गीडा में ग्रेनबेस्ड इथेनॉल प्लांट लगाने जा रही है। इस प्लांट में रोजाना करीब 3.50 लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन होगा। साथ ही डिस्टिलरी प्लांट में देशी और अंग्रेजी शराब के अलावा बीयर का भी उत्पादन होगा। इस प्लांट के निर्माण के बाद करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
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बलिया में राइस मिल संचालित करने वाले विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस प्लांट की स्थापना के लिए इंडियन ऑयल के साथ अनुबंध (एमओयू) हो चुका है। इसके अलावा शासन ने भी इस प्लांट की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी है। प्लांट 18 से 24 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। ग्रेनबेस्ड इथेनॉल प्लांट पर करीब 750 करोड़ रुपये और डिस्टिलरी प्लांट पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। यानी कुल 1200 रुपये की लागत से इस प्लांट की स्थापना होगी।

15 मेगावाट बिजली का भी होगा उत्पादन
इस डिस्टिलरी प्लांट में करीब 15 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। प्लांट में खर्च होने के बाद अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। इससे भी प्लांट को आमदनी होगी। प्लांट में कच्चे माल के तौर पर मुख्य रूप से चावल, जौ और मक्का का इस्तेमाल होगा। चावल और मक्का बिहार और बंगाल से आएगा। मुख्य रूप से बिहार के गुलाबबाग इलाके से चावल की आपूर्ति होगी।

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