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खुशखबर: गोरखपुर में खुलेगा प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय, जानिए क्या है खास

Tue, 11 Feb 2020 11:26 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • शहर से सटे मलमलिया गांव में 24.29 हेक्टेअर में बनेगा विश्वविद्यालय
  • ट्विटर के जरिए सीएम कार्यालय ने की भूमि आवंटित होने की घोषणा
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सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के पहले आयुष विश्वविद्यालय के लिए योगी सरकार ने भूमि आवंटित कर दी है। विश्वविद्यालय चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के मलमलिया गांव में बनना है। जल्द ही बजट आवंटित होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।   
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पखवारे भर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को आयुष विश्विद्यालय के लिए भूमि तलाश कर रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसके बाद हरकत में आए प्रशास ने भूमि की तलाश शुरू की। सदर तहसील में मुफीद जमीन नहीं मिलने पर चौरीचौरा तहसील क्षेत्र का रुख किया गया। शहर से सटे मलमलिया गांव में जाकर थमी।

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प्रशासन ने वहां सीलिंग की जमीन चिह्नित कर मुख्यमंत्री को बताया तो उन्होंने भी अपनी रजामंदी दे दी। सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विटर पर इसकी घोषणा भी हो गई कि गोरखपुर के  चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में प्रदेश के पहले आयुष विश्वविद्यालय को स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में 24.29 हेक्टेअर भूमि आयुष विश्विद्यालय के नाम कर दी गई है।
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पढ़ाई के साथ ही इलाज भी, संबद्धता दी जाएगी

यूपी में लखनऊ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली, बांदा, मुजफ्फ रपुर, पीलीभीत में आयुष मेडिकल कॉलेज हैं। इन सबकी संबद्धता गोरखपुर में खुले रहे पहले आयुष विश्वविद्यालय से रहेगी।  यहां आयुर्वेद, योगा, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई के साथ ही इन पद्धतियों से विभिन्न रोगों का इलाज भी संभव हो सकेगा। नवंबर 2019 में ही गोरखपुर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संबंध में चर्चा की थी लेकिन इसके बाद मामला सुस्त पड़ गया था। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमीन न केवल चिह्नित कर ली गई है बल्कि विश्वविद्यालय के नाम आवंटित भी कर दी गई है।

कनेक्टिविटी के लिहाज से भी भूमि मुफीद
कनेक्टिविटी के लिहाज से भी चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव की जमीन आयुष विश्वविद्यालय के लिए पूरी तरह मुफीद है। फोरलेन से सटा होने के साथ ही वहां से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा।
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