- विदेशी लेन-देन ने बदला जांच का रुख, बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी कॉल सेंटर के पर्दे में चल रहे साइबर जालसाजी के सिंडिकेट की जांच अब अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह की ओर मुड़ गई है। ऑनलाइन गेमिंग ,एप और म्यूल तों के जरिये होने वाली जालसाजी के रूप में शुरू हुई जांच में आर्थिक ट्रेल में अमेरिका और कनाडा से धनराशि आने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि गुलरिहा निवासी राकेश प्रजापति का नेटवर्क कहीं अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग से तो नहीं जुड़ा है। वहीं, दो बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध हैं और दोनों भागे हुए हैं।
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को गुलरिहा थाने पहुंचकर केस की विस्तृत समीक्षा की और विदेशी धनराशि से जुड़े लेन-देन की जानकारी ली। शुरुआती डिजिटल विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ है कि म्यूल खातों में आए कई ट्रांजेक्शन विदेशी लोकेशन से हुए हैं। ये वही खाते हैं जिन्हें राकेश ने अनपढ़ लोगों और परिचितों के फर्जी दस्तावेजों पर खुलवाया था।
गुलरिहा क्षेत्र का रहने वाला राकेश प्रजापति लंबे समय से कॉल सेंटर चलाने के नाम पर साइबर ठगी में लिप्त था। वह फेयर प्ले जैसे ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता था और रकम म्यूल खातों में जमा कराता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि हर म्यूल खाते में प्रतिदिन 10 से 15 लाख रुपये तक का लेन-देन हो रहा था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके ठिकाने से लैपटॉप, मोबाइल, हेडफोन सहित कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए थे।
बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
अब तक की जांच में सामने आया है कि राकेश ने बैंककर्मियों की मिलीभगत से कई फर्जी खाते खुलवाए। दो नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं जिसमें बैंक मैनेजर और कैशियर दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी सत्यापन के फर्जी दस्तावेजों पर कई खाते खोलने की अनुमति दी। पुलिस ने दोनों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वे भाग निकले।
कॉल सेंटर का एग्रीमेंट जाने आलम के नाम पर
जहां कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, उस मकान का एग्रीमेंट जाने आलम के नाम पर किया गया था। जालसाजों ने मकान मालिक को बताया था कि वे जन सुविधा केंद्र खोल रहे हैं। मकान मालिक को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि अंदर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चल रहा है।
पुलिस जांच तेज, बड़े पर्दाफाश की आशंका
विदेशी लेन-देन और बैंककर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद जांच अब बैंकिंग चैनल और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल पर केंद्रित हो गई है। एसपी क्राइम ने बताया कि जालसाजी में शामिल हर व्यक्ति और लिंक की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हो सकता है।