डिजिटल कैमरा फिर क्यों ट्रेंड में है?
आज के फोन बेहतरीन कैमरे देते हैं, फिर भी छोटे डिजिटल कैमरों की डिमांड बढ़ रही है। वजह है उनका 2000 और 2010 के शुरुआती दौर वाला लुक। इन कैमरों से ली गई तस्वीरें थोड़ी ग्रेनी होती हैं, फ्लैश ज्यादा दिखता है और तस्वीरों में एक नैचुरल रॉ फील आती है। यानी फोटो परफेक्ट नहीं होती, लेकिन ज्यादा रियल लगती है। छोटे होने की वजह से इन्हें बैग या जेब में रखना भी आसान है। पार्टी हो, ट्रिप हो या दोस्तों के साथ हैंगआउट, कैमरा निकालो और क्लिक करो।
वायर वाले ईयरफोन की भी वापसी
वायर वाले ईयरफोन को कभी पुराना और आउटडेटेड समझा जाने लगा था। लेकिन अब Gen Z इन्हीं ईयरफोन को फिर से कूल बना रही है। वायरलेस ईयरबड्स के दौर में तार वाले ईयरफोन का वापस ट्रेंड में आना पहली नजर में अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे भी वही रेट्रो क्रेज और सिंपल टेक्नोलॉजी की चाह है।
वायर वाले ईयरफोन में चार्जिंग की टेंशन नहीं होती। केस चार्ज करो, ईयरबड्स चार्ज करो और फिर इस्तेमाल करो जैसी झंझट भी नहीं। फोन में लगाइए और म्यूजिक शुरू। Gen Z के लिए इनका लुक भी एक स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है।
गेमिंग में भी चाहिए थोड़ा 'ओल्ड स्कूल'
आज गेमिंग के लिए हाई-एंड फोन और बड़े कंसोल मौजूद हैं, लेकिन Gen Z को पुराने स्टाइल के छोटे हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस भी पसंद आ रहे हैं। इनमें पुराने क्लासिक गेम खेले जा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि गेम खेलते समय लगातार नोटिफिकेशन, चैट या सोशल मीडिया का ध्यान नहीं भटकाता। छोटी स्क्रीन, फिजिकल बटन और सिंपल गेमिंग, यानी गेमिंग, लेकिन बिना ज्यादा झंझट के।
एमपी3 प्लेयर की भी वापसी
एक समय था जब गाने सुनने के लिए एमपी3 प्लेयर जेब में रखा जाता था। फिर स्मार्टफोन आया और सब कुछ एक ही डिवाइस में आ गया। अब वही एमपी3 प्लेयर फिर चर्चा में हैं। क्यों? क्योंकि इसमें सिर्फ म्यूजिक है। कोई सोशल मीडिया नहीं, कोई लगातार नोटिफिकेशन नहीं और न ही हर कुछ मिनट में फोन चेक करने की जरूरत। Gen Z के लिए यह एक तरह का 'डिजिटल डिटॉक्स, लेकिन म्यूजिक के साथ' है।
फ्लिप फोन का स्वैग वापस
फ्लिप फोन भी इसी रेट्रो ट्रेंड का हिस्सा हैं। पुराने क्लैमशेल डिजाइन वाले फोन अब नए फीचर्स के साथ वापस आ रहे हैं। इनका इस्तेमाल पूरी तरह स्मार्टफोन जैसा नहीं होता। यही इनकी खासियत है। कॉल और मैसेज के लिए फोन रखिए और बाकी डिजिटल दुनिया से थोड़ी दूरी बनाए रखिए। यानी फोन आपके पास रहे, लेकिन फोन आपकी पूरी जिंदगी न बन जाए।
इंस्टेंट कैमरा: फोटो क्लिक करो और हाथ में पकड़ लो
आज ज्यादातर तस्वीरें फोन में ही रह जाती हैं। क्लिक की, पोस्ट की और कुछ दिनों बाद गैलरी में खो गईं। इंस्टेंट कैमरा इस कहानी को बदल देता है। फोटो क्लिक करते ही उसकी प्रिंट कॉपी हाथ में आ जाती है। उसे डायरी में चिपका सकते हैं, कमरे में लगा सकते हैं या किसी दोस्त को दे सकते हैं। यही फिजिकल एक्सपीरियंस इसे खास बनाता है।