गर्ग के निधन को सीएम ने बताया मर्डर
हिमंत बिस्वा सरमा सिंगर के निधन पर विपक्ष की तरफ से विधानसभा में लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। सरमा ने कहा, 'शुरुआती जांच के बाद, असम पुलिस को लगा कि यह गैर-इरादतन हत्या का मामला नहीं था, बल्कि यह मर्डर था। इसलिए, उनकी मौत के तीन दिन के अंदर केस में बीएनएस का सेक्शन 103 जोड़ा गया।'
जुबीन गर्ग की फिल्म, जुबीन गर्ग
- फोटो : एक्स
हत्या की वजह हैरान कर देगी
सरमा ने आगे कहा, 'दिसंबर में मर्डर केस में चार्जशीट जमा होने के बाद, जांच को लापरवाही, क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट और दूसरे पहलुओं को शामिल करने के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।' सरमा असम राज्य के गृह मंत्री भी हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईटी एक पक्की चार्जशीट फाइल करेगी और अपराध के पीछे का मकसद राज्य के लोगों को हैरान कर देगा। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में तैरते वक्त अचानक निधन हो गया था।
अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
घटना के बाद कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महांता, जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महांता, जुबीन के रिश्तेदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग शामिल हैं। इसके अलावा जुबीन के दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य के खातों में 1.1 करोड़ रुपए की संदिग्ध लेनदेन के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
असम सीएम के बयान पर कांग्रेस एमपी ने की टिप्पणी
असम सीएम हिमंत ने जुबीन गर्ग मामले में जो बयान दिया था। अब उस पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा- 'आज विधानसभा में जुबीन गर्ग की हत्या के संबंध में जिस व्यक्ति का नाम लिया गया है, उसे कौन निर्देशित कर रहा था? मुख्य मास्टरमाइंड का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। असम की जनता को विश्वास नहीं है कि जुबीन गर्ग को न्याय मिलेगा। इसलिए मुख्यमंत्री जनता में भ्रम पैदा करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।'