पिता की विरासत को बचाया
ख्याल रहे कि 13 फरवरी को आनंद सागर का निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी शाम 4:30 बजे मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में संपन्न हुआ। आनंद रामानंद सागर भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक के सदस्य थे। 2005 में रामानंद सागर के निधन के बाद आनंद सागर ने सागर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ‘रामायण’ और अन्य क्लासिक प्रोजेक्ट्स के नए तरीके से फिर से टेलीकास्ट करने का काम जारी रखा।