क्या आप मानते हैं कि फैमिली मैन ने कहीं न कहीं गेमचेंजर का काम किया?
यकीनन, इसने पूरी मनोरंजन की दुनिया को उलट-पुलट करके रख दिया था। इसने ओटीटी को बहुत बड़ी पहचान दी और ऑडियंस को बताया कि थिएटर के अलावा भी एक मीडियम है जो आपका मनोरंजन कर सकता है। उसके बाद जब दूसरा सीजन आया.. वो तो बहुत ही बड़ा था। तब से मनोरंजन की पूरी परिभाषा ही बदल गई हमारे यहां पर।
अगर आपको बॉलीवुड में एक बड़ा बदलाव लाने का मौका मिले, तो आप कौन-सा कदम उठाना चाहेंगे?
मैं तो केंद्र सरकार और सूचना एवं प्रसारण मंत्री से निवेदन करूंगा कि छोटी फिल्मों को तुरंत मदद और विशेष समर्थन दिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सिनेमा धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा और प्रतिभाशाली निर्देशक खो जाएंगे। हर कोई मुख्यधारा या बड़ी फिल्म बना सके, यह जरूरी नहीं होता और हमेशा संभव भी नहीं होता। इसीलिए जरुरी है कि मध्यम और छोटे बजट वाली फिल्मों को सिनेमाघरों में एक सम्मानजनक रिलीज मिले। यह संघर्ष कई साल से जारी है लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं निकला।
क्या आपकी असल ज़िंदगी में कभी ऐसा वक्त आया जब काम से पहले परिवार को चुनना पड़ा हो?
परिवार और मेरा काम कभी एक-दूसरे के आड़े नहीं आते। इसका पूरा श्रेय मेरी पत्नी को जाता है। अगर वह कुछ चाहती हैं और मैं खाली होता हूं, तो मैं समय देने की पूरी कोशिश करता हूं।
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