सोनम बाजवा और हर्षवर्धन राणे
- फोटो : अमर उजाला
आपने जो इस फिल्म पर दांव लगाया वो हर्षवर्धन को देखकर लगाया या कहानी को देखकर?
अंशुल गर्ग: 'ये मिली-जुली सोच थी। मैंने ‘सनम तेरी कसम’ में हर्षवर्धन का काम देखा था। मुझे लगता है कि हर्षवर्धन कितने भी जोनर में काम कर लें पर रोमांंस इनकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। कुल मिलाकर मैंने स्क्रिप्ट, इंटरवल पॉइंट, गाने और हर्षवर्धन का नाम सुनकर तय कर लिया था कि इस फिल्म पर पैसे लगाऊंगा।'
आपको रोमांटिक किरदारों में टाइपकास्ट होने का डर नहीं लगता?
हर्षवर्धन राणे: 'एक ही तरह के किरदार करने में मुझे कोई दिक्कत नहीं है। रोमांस से बढ़कर मुझे जीवन में कुछ नहीं लगता। मुझे इस जोनर में मजा आता है।'
यह खबर भी पढ़ेंः ‘एक दीवाने की दीवानियत’ ने पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा, जानिए 9वें दिन कितना रहा फिल्म का कलेक्शन
यह किरदार आपने क्यों चुना और कितना मुश्किल था इसे निभाना?
सोनम बाजवा: 'मुझे यह किरदार निभाकर बड़ा मजा आया क्योंकि यहां मेरे पास करने के लिए काफी कुछ था। मुझे फिल्म में जो भी मौका मिला मैंने तहे दिल से उसे निभाया। किरदार मुश्किल था इसलिए इसे करने में ज्यादा मजा आया। मैं खुश थी कि मुझे ऐसा किरदार मिला जिसमें मैं वो सबकुछ कर पाई जो करना चाहती थी।'
एक दीवाने की दीवानियत ट्रेलर रिलीज
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
फिल्म ने जब पहले दिन 10 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था तब आपने कैसा महसूस किया?
हर्षवर्धन राणे: 'सबसे पहले तो मुझे खुशी हुई कि अब मुझे सड़क पर जाकर पोस्टर नहीं लगाने पड़ेंगे। फिर अगले ही पल मैंने सोचा कि लोगों को सड़कों पर उतरकर ही धन्यवाद भी कहना चाहिए। मुझे लगता है कि मेरा जमीन से जुड़े रहना ही सबसे अच्छा है।'
बतौर प्रोड्यूसर जैसा आपने सोचा था, क्या दर्शकों से वैसा रिस्पॉन्स मिला?
अंशुल गर्ग: 'जैसे सोचा था उससे कई गुना बेहतर मिला। दिवाली पर हमने 200 करोड़ की फिल्म (थामा) के साथ टक्कर ली। खुशी है कि हम दोनों की ही फिल्मों ने बेहतर कमाई की। 10 दिन में हमारी 25 करोड़ की फिल्म ने 50 करोड़ से ज्यादा कमाई कर ली है और क्या चाहिए?'