हमारे सामने अधिक विकल्प होना चाहिए
टॉम ने आगे कहा कि यह 2026 में हमारे सामने मौजूद स्पष्ट विकल्पों के बारे में अधिक होना चाहिए, न कि इस बारे में कि 1930 के दशक में उन साहसी लोगों ने क्या किया था। इसके साथ ही उस समय प्रत्येक व्यक्ति को शामिल होने के लिए जो कड़े फैसले लेने पड़े थे, वे आज हमें शामिल होने के लिए जो कड़े फैसले लेने पड़ते हैं, उनसे अलग नहीं हैं।
हालांकि, टॉम हैंक्स ने माना कि द्वितीय विश्व युद्ध में लिए जाने वाले व्यक्तिगत फैसले स्वतंत्रता और गुलामी के बीच के अंतर जितने स्पष्ट और प्रत्यक्ष थे, फिर भी अंततः सब कुछ एक चुनाव पर ही डिपेंड करता है, चाहे युद्ध किसी भी रूप में हो।
20 एपिसोड की है सीरीज
एक्टर-निर्देशक ने कहा कि दो प्रकार की ताकतें थीं जो कहती थीं कि हम नस्लीय रूप से किसी से भी महान हैं, या हम अपने खून में अपने गुणों के कारण धार्मिक रूप से किसी से भी महान हैं। क्या आज भी ऐसी कोई ताकत मौजूद है? हां, बिल्कुल। इसलिए इस संदर्भ में चाहे युद्ध किसी भी रूप में हो, अंततः हमें किसी न किसी प्रकार का व्यक्तिगत चुनाव करना ही होगा। यह 20 एपिसोड की एक सीरीज है जिसमें अभिनेता और पुलित्जर पुरस्कार विजेता इतिहासकार जॉन मीचम विश्वव्यापी संघर्ष की हर प्रमुख घटना को कवर करेंगे।