अभिनेत्री पारिणीति चोपड़ा अब एक नए अंदाज में नजर आने वाली हैं। वह जल्द ही जी5 के टॉक शो ‘मॉम्स टॉक’ को होस्ट करती दिखेंगी। शो के अनाउंसमेंट के दौरान उन्होंने मां बनने के अपने अनुभव, परिवार के साथ, बच्चों की परवरिश और समाज की सोच पर खुलकर बात की।
राघव चड्ढा-परिणीति चोपड़ा
- फोटो : इंस्टाग्राम
‘मुझे कभी नहीं लगा कि मैं अकेली हूं’
पारिणीति ने इवेंट में मौजूद कामकाजी मांओं को देखकर कहा, ‘यहां इतनी सारी मांओं को काम करते देखकर मुझे थोड़ा कम बुरा लग रहा है। आप लोग समझ रहे हैं ना मैं क्या कह रही हूं। (मुस्कुराते हुए) लेकिन सच कहूं तो इसका पूरा श्रेय मेरे पति राघव और हमारे परिवार को जाता है। उन्होंने मेरी प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म और अब मां बनने के इस पूरे सफर को इतना सामूहिक बना दिया कि मुझे कभी नहीं लगा कि मैं अकेली मां हूं या मेरे बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। मुझे हमेशा लगा कि मेरा बच्चा पूरे परिवार का है। इसका पूरा श्रेय राघव और परिवार को जाता है।’
राघव चड्ढा-परिणीति चोपड़ा
- फोटो : इंस्टाग्राम
‘दूसरी मांओं की बातें सुनकर दुख होता था’
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं दूसरी मांओं की कहानियां सुनती थी तो मुझे बहुत दुख होता था। कई महिलाएं बताती थीं कि वे सब कुछ अकेले कर रही हैं, परिवार का साथ नहीं है, पति अपनी जिंदगी वैसे ही जी रहे हैं और सिर्फ मां की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। यह सुनकर मुझे बहुत बुरा लगता था। सच में लगता था कि हर मां को ऐसा अनुभव नहीं होना चाहिए। और जितना मैं लोगों से बात करती गई, उतना मुझे महसूस हुआ कि मांओं को सबसे ज्यादा जिस चीज की जरूरत होती है, वह है साथ और सहारा।’
परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा
- फोटो : इंस्टाग्राम@parineetichopra
‘बच्चे की परवरिश का एक ही तरीका नहीं होता’
अपने शो के बारे में बात करते हुए पारिणीति ने कहा, 'जब यह शो मेरे पास आया तो मुझे लगा कि यह बिल्कुल सही मंच है। मैंने उसी समय कहा कि यही वह जगह है, जहां से हम कुछ बदलने की कोशिश कर सकते हैं। हम लोगों को यह दिखाना चाहते हैं कि माता-पिता बनने का सिर्फ एक तरीका नहीं होता। मां काम कर सकती है, पिता बच्चे को संभाल सकते हैं। पिता काम कर सकते हैं और मां बच्चे के साथ रह सकती है। मां और पिता दोनों काम कर सकते हैं, दादी बच्चे को संभाल सकती हैं। कुछ भी हो सकता है और यही सामान्य होना चाहिए। हमें बच्चे की परवरिश अपने तरीके से करनी चाहिए। हमें यह तय नहीं करने देना चाहिए कि समाज क्या कहेगा।’
‘हर एपिसोड में आपको अपनी कहानी दिखेगी’
पारिणीति ने कहा, ‘आजकल जब मैं किसी बच्चे को रोते हुए सुनती हूं तो मुझे भी घबराहट होने लगती है। यहां भी कई मांएं होंगी जो मेरी तरह ऐसा महसूस करती होंगी। इसलिए मैं यही कहना चाहती हूं कि हमें बच्चों की परवरिश अपने तरीके से करनी चाहिए। यह शो बिल्कुल उसी बारे में है। इस शो के हर एपिसोड में आपको अपनी कहानी नजर आएगी। हर एपिसोड में आपको लगेगा कि यह तो मेरे साथ भी हुआ है। और, सबसे अच्छी बात यह है कि आपको उसका हल भी मिलेगा। यही वजह है कि मैंने यह शो करने के लिए हामी भरी।’
परिणीति चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
‘माता-पिता को माता-पिता ही रहना चाहिए’
जब पारिणीति से पूछा गया कि वह आगे चलकर बच्चों की दोस्त जैसी मां बनेंगी या सख्त, तो उन्होंने मस्ती में कहा, ‘अभी तो मुझसे ज्ञान मत लीजिए। दस बच्चे हो जाने दीजिए, फिर मैं शायद स्पेशलिस्ट बन जाऊंगी। लेकिन सच कहूं तो मुझे लगता है कि माता-पिता को माता-पिता ही रहना चाहिए। मैं जानती हूं कि आजकल यह बहुत कहा जाता है कि बच्चों के दोस्त बनो, लेकिन मुझे लगता है कि दोस्ताना और उपलब्ध रहने के साथ-साथ थोड़ी सख्ती भी जरूरी है। एक बहुत बारीक रेखा होनी चाहिए, ताकि हम अपने बच्चों की अच्छी परवरिश कर सकें।’
परिणीति चोपड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
‘जब बच्चा सोता है तो लगता है सब काम कर लूं’
मां बनने के बाद की भागदौड़ पर पारिणीति ने कहा, 'जब बच्चा सोता है तो मेरे मन में यही चलता है कि क्या मैं अभी नहा भी लूं, थोड़ी देर सो भी लूं, नाश्ता भी कर लूं और जिन फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया, वह भी कर लूं। ऐसा लगता है कि उन कुछ मिनटों में मुझे पूरी जिंदगी समेट लेनी है।’
परिणीति चोपड़ा
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‘नरमी भी जरूरी है और सख्ती भी’
पेरेंटिंग के तरीकों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'जहां तक नरमी और पुराने समय वाली सख्त परवरिश की बात है, तो मैं खुद 90 के दशक की बच्ची हूं। लेकिन मुझे सच में लगता है कि सही तरीका इन दोनों के बीच कहीं है। बच्चों की परवरिश में नरमी भी होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर सख्ती भी। अगर आप दोनों का संतुलन बना लेते हैं, तो वही सबसे अच्छा तरीका है।’
परिणीति चोपड़ा
- फोटो : इंस्टाग्राम @parineetichopra
‘सबकी सलाह सुनिए, लेकिन फैसला अपना रखिए’
इवेंट के अंत में पारिणीति ने कहा, 'मैं बस एक ही बात इस शो के जरिए कहना चाहती हूं कि सबकी सलाह जरूर सुनिए, लेकिन अपने बच्चे की परवरिश अपने तरीके से कीजिए। आपके बच्चे के लिए जो सही है, वही सही है। अगर आपको किसी बात को लेकर डाउट है तो डॉक्टर से पूछिए। अपने बड़ों से पूछिए, इंटरनेट से जानकारी लीजिए, जहां से चाहें सलाह लीजिए। लेकिन अपने बच्चे के लिए जो फैसला आप ले रहे हैं, उसके लिए कभी बुरा मत मानिए। अगर वह आपके और आपके बच्चे के लिए सही है, तो वही सबसे सही है।’
‘इमरान खान की बात ने ध्यान खींचा’
शो की सोच पर बात करते हुए पारिणीति ने कहा, ‘हमारी पूरी टीम का एक ही नियम था कि हमें ऐसे लोगों से बात करनी है, जिनकी कहानियों को समाज अलग या असामान्य मानता है, लेकिन जिन्हें सामान्य माना जाना चाहिए। इसी दौरान इमरान खान भी शो में आए और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के मुश्किल दौर में बच्चे की जिम्मेदारी संभालने को लेकर बात की। मैंने उनसे कहा कि जहां एक तरफ लोग इसे बड़ी बात मानते हैं, वहीं सच यह है कि यह एक पिता की जिम्मेदारी होनी ही चाहिए। अगर मां किसी वजह से बच्चे के साथ नहीं है तो पिता को जिम्मेदारी संभालनी चाहिए और अगर पिता नहीं हैं तो मां संभाले। यह कोई अलग या असामान्य बात नहीं है, इसे बिल्कुल सामान्य माना जाना चाहिए।’