'मुझे जीने दो' में वहीदा रहमान और सुनील दत्त (फाइल फोटो)
- फोटो : IMDb
सेट पर जब हुआ गड़बड़ का अंदेशा
वहीदा रहमान ने बताया कि एक दिन निरूपा रॉय, नरगिस और वह चंबल के एक घाट पर बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान सुनील दत्त दूर से चिल्लाए। वहीदा कहती हैं, ‘अचानक सुनील दत्त आए और चिल्लाए कि मिसेज दत्त, उठिए, वहीदा जी सब वहां से उठिए। नरगिस ने उनसे पूछा था कि क्या हुआ? तो उन्होंने जवाब दिया कि तुम बहुत सवाल पूछती हो। बस उठ जाओ। फिर हम वहां से चले गए। हमने एक-दूसरे की ओर देखा और सोचा कि क्या हुआ?’
वहीदा आगे कहती हैं, ‘कुछ देर बाद सुनील दत्त बीएसएफ कमांडर के साथ वापस आए। उनके चेहरे देखकर हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है। वह बोले कि देवियों जल्दी उठिए। जीप में बैठ जाइए। एक जीप हमारे आगे थी और दूसरी पीछे। हम बीच में बैठे थे और हमारे चारों तरफ हथियारबंद गार्ड थे। शायद किसी तरह की अनहोनी का अंदेशा दत्त साहब को हो गया था।’
इन फिल्मों में सुनील दत्त और वहीदा रहमान साथ दिखे थे
वहीदा रहमान और सुनील दत्त ने कई फ़िल्मों में साथ काम किया है, जिसमें ‘एक फूल चार कांटे’, ‘मुझे जीने दो’, ‘मेरी भाभी’, ‘दर्पण’, ‘रेश्मा और शेरा’ और ‘जिंदगी जिंदगी’ शामिल हैं। इस जाेड़ी को बड़े पर्दे पर दर्शकों ने भी खूब पसंद किया।
बता दें कि सुनील दत्त का निधन दिल का दौरा पड़ने से 25 मई, 2005 को हुआ था। उनके अभिनय की विरासत को बेटे संजय दत्त ने आगे बढ़ाया है।