जसकीरत सिंह रांगी की कहानी
जब जसकिरत 21 साल का था, तब वह सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। उसका परिवार पठानकोट में रहता था। उसके पिता सेना के अधिकारी थे। परिवार में मां, पिता और दो बहनें थीं। अचानक से जसकिरत के पिता की हत्या कर दी जाती है। एक बहन के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। यह सब जमीन के विवाद की वजह से हुआ। अपराधी एक विधायक के परिवार से था, इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर दूसरी बहन का अपहरण हो गया। जसकिरत को न्याय पर भरोसा टूट गया। उसने फैसला किया कि वह खुद बदला लेगा।
जेल से रॉ तक का सफर
उसने अपने दोस्त की मदद से हथियार जुटाए। एक रात वह विधायक के घर पर हमला करता है और 12 लोगों को मार डालता है। इस तरह वह एक आम लड़के से खतरनाक इंसान बन जाता है। बदले के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है और मौत की सजा सुनाई जाती है। तभी आर. माधवन के किरदार अजय सान्याल (RAW अधिकारी) से उसकी मुलाकात होती है। वे जेल से उसे अपहरण करते हैं। अजय उसे ऑपरेशन 'धुरंधर' के लिए चुनता है।
जसकिरत को मिलता है नया नाम
जेल से बाहर आने के बाद जसकिरत को कठिन ट्रेनिंग दी जाती है। उसे नई पहचान मिलती है- हमजा अली मजारी के नए नाम से। यहीं से पहली फिल्म 'धुरंधर' की कहानी शुरू होती है, जहां वह पाकिस्तान में जासूसी करता है। फिल्म में रणवीर सिंह का अभिनय बहुत शानदार है, जिससे दर्शक जसकिरत के दर्द को महसूस करते हैं। यह कहानी बदले, परिवार के दुख और देश के लिए कुर्बानी की है।
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