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डिनो मोरिया: क्या गिरफ्तार हुए अभिनेता? छह घंटे लंबी पूछताछ के बाद फैली ये खबर; जानें क्या है सच्चाई

Fri, 02 Oct 2026 09:25 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Dino Morea: आज जब डिनो मोरिया मुंबई पुलिस कमिश्नर के ऑफिस पहुंचे तो अफवाहें फैलीं कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आइए जानते हैं आज डिनो मोरिया के मामले में क्या-क्या हुआ।
 
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डिनो मोरिया - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आज शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) में पहुंचे।  वह मीठी नदी की सफाई में कथित गड़बड़ी मामले में दूसरी बार मुंबई पुलिस कमिश्नर के ऑफिस में हाजिर हुए। यहां उनसे लगभग 6 घंटे तक पूछताछ की गई। इस बीच अफवाहें फैलीं कि डीनू मोरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि वह शाम को लगभग 8 बजे  मुंबई पुलिस कमिश्नर के ऑफिस से बाहर निकले। 
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डिनो मोरिया - फोटो : सोशल मीडिया
पहले भी हो चुकी पूछताछ
बताया जाता है कि 6 घंटे की लंबी पूछताछ के दौरान डिनो मोरिया ने कुछ नहीं कहा। मोरिया और उनके भाई, सैंटिनो रोक्को मोरिया से इसी सिलसिले में मई 2025 में पूछताछ की गई थी। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अभिनेता के घर पर तलाशी भी ली थी। अभिनेता के घर के अलावा ईडी ने मुंबई और कोच्चि में 14 जगहों पर तलाशी ली थी।
 

डिनो मोरिया - फोटो : सोशल मीडिया
डिनो से क्यों हुई पूछताछ?
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमने (डिनो) मोरिया को तब बुलाया जब जांचकर्ताओं को ऐसे फोन रिकॉर्ड मिले जिनसे पता चला कि उनका संपर्क इस मामले से जुड़े कुछ लोगों से था।' अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों भाई और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम, एक प्राइवेट कंपनी में निर्देशक थे। कदम परिवार और सैंटिनो रोक्को मोरिया के बीच हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि केतन कदम की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट कैसे मिले।

डीनू मोरिया - फोटो : सोशल मीडिया
मामले में हुईं गिरफ्तारियां
केतन कदम को 7 मई को गिरफ्तार किया गया था। उन 13 लोगों में केतन कदम भी शामिल थे जिन पर डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में बीएमसी को 65.54 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में कथित गड़बड़ी, बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए टेंडर और भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। ईओडब्ल्यू ने जयेश जोशी को भी गिरफ्तार किया, जो मुंबई की इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट बनाने वाली एक कंपनी से जुड़े हैं।
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डिनो मोरिया - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है पूरा मामला?
ईओडब्ल्यू ने बताया कि बीएमसी के कुछ अधिकारी अक्तूबर 2020 में एक कंपनी से डीसिल्टिंग वाले उपकरण खरीदने के लिए कोच्चि गए थे। इसके बाद में डीसिल्टिंग के लिए टेंडर निकाले थे। टेंडर में कहा गया था कि बीएमसी कॉन्ट्रैक्टरों को नदी से निकाली गई गाद के हिसाब से पेमेंट करेगी।

ईओडब्ल्यू ने बनाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम
पुलिस ने बताया कि जब कॉन्ट्रैक्टर कंपनी के पास गए, तो उन्हें जोशी और केतन कदम से संपर्क करने के लिए कहा गया। इन दोनों ने कंपनी के साथ मिलीभगत करके उपकरण बेचे नहीं, बल्कि उन्हें बहुत ज्यादा रेट पर किराए पर दिया। नदी से गाद निकालने के काम में गड़बड़ी के आरोपों के बाद ईओडब्ल्यू ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि सिविक बॉडी ने नदी से निकाली जाने वाली गाद की मात्रा को ज्यादा दिखाने के लिए रिकॉर्ड में हेर-फेर की, जिससे कॉन्ट्रैक्टर्स को और उन्हें मिलने वाले पेमेंट की दरों को फायदा पहुंचा।
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