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Independence day 2026: 'रंग दे बसंती' से 'स्वदेस' तक, संवाद जिन्होंने दर्शकों के दिल में जगाई देशभक्ति की अलख

Sat, 15 Aug 2026 04:50 PM IST
गोधूलि श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क,अमर उजाला

सार

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर जानिए देशप्रेम पर आधारित फिल्मों के उन डॉयलाग्स के बारे में, जिन्हें सुनते ही सिनेमाघरों में देश भक्ति की लहर दौड़ गई।
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देशभक्ति जगाते यादगार डायलॉग्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। ‘आजादी’ की इस खास भावना को दर्शाने में बॉलीवुड भी कभी पीछे नहीं रहा। कई ऐसी फिल्में हैं जिनकी कहानी से लेकर डॉयलाग्स तक भारत की शान को पर्दे पर दिखाया गया।
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इस खबर में जानिए बॉलीवुड के उन यादगार डायलॉग्स के बारे में जिनको सुनकर दर्शकों के दिल में देशभक्ति की अलख जागी।

फिल्म 'स्वदेस' - फोटो : इंस्टाग्राम @agppl

‘मैं नहीं मानता हमारा देश दुनिया का सबसे महान देश है। लेकिन यह जरूर मानता हूं कि हममें काबिलियत है, ताकत है, अपने देश को महान बनाने की’

फिल्म- स्वदेस 

आशुतोष गोवारिकर निर्देशित फिल्म ‘स्वदेस’ 2004 में रिलीज हुई थी। फिल्म पूरी तरह देश प्रेम पर आधारित थी। फिल्म में भारत को तरक्की करता हुआ देश बताया गया। यह उसी फिल्म का एक पॉपुलर डॉयलाग है।

फिल्म 'गदर : एक प्रेम कथा' में सनी दोओल और अमीषा पटेल - फोटो : सोशल मीडिया
‘हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा!'

फिल्म- ‘गदर' 
सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म में बंटवारे के दौरान पनपी एक प्रेम कहानी दिखाई गई। इसी फिल्म का यह डायलॉग ऐसा था जिसे सुनने के बाद हर हिंदुस्तानी गर्व से भर जाता है।

फिल्म 'रंग दे बसंती' - फोटो : सोशल मीडिया
‘कोई भी देश परफेक्ट नहीं होता, उसे परफेक्ट बनाना पड़ता है’

फिल्म- रंग दे बसंती 
2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘रंग दे बसंती’ ने युवाओं को आजादी की अहमियत बताई थी। फिल्म में देश को लेकर युवाओं की सोच को पेश किया गया था। फिल्म का यह एक डायलॉग काफी हिट हुआ था। 

फिल्म 'चक दे इंडिया' - फोटो : एक्स (ट्विटर)
‘मुझे स्टेट्स के नाम सुनाई नहीं देते हैं, न ही दिखाई देते हैं। सिर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है - इंडिया’

फिल्म- चक दे इंडिया 
शाहरुख खान द्वारा अभिनीत फिल्म ‘चक दे इंडिया’ 2007 में रिलीज हुई थी। फिल्म में खेल के मैदान के जरिए देशप्रेम को दिखाया गया था। इसके एक सीन में शाहरुख ने यह यादगार डायलॉग बोला था।

फिल्म 'शहीद' - फोटो : सोशल मीडिया
‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशान होगा’

फिल्म- शहीद 
आजादी से लगभग 18 साल बाद साल 1965 में रिलीज हुई 'शहीद' बेहद मार्मिक फिल्म थी। फिल्म का यह संवाद शहीदों को समर्पित था।

फिल्म 'गरम हवा' - फोटो : सोशल मीडिया
‘नई-नई आजादी मिली है, तो सब इसका अपने-अपने हिसाब से मतलब निकाल रहे हैं।’

फिल्म- गरम हवा 
1974 में रिलीज हुई फिल्म ‘गरम हवा’ में देश के अंदर हुए कई मामलों को दिखाया है। यह डॉयलाग उस दौर की तत्कालीन स्थिति से जोड़कर लिखा गया था।

फिल्म 'हकीकत' - फोटो : सोशल मीडिया
‘ये हमारा देश, ये बुद्ध, अशोका, गांधी और नेहरू का देश है। शांति का पुजारी जरूर है, लेकिन बुझदिली का कायल नहीं’

फिल्म- हकीकत 
धर्मेंद्र की फिल्म ‘हकीकत’ 1964 में रिलीज हुई थी। फिल्म में 1962 में हुए भारत-चीन संघर्ष को दिखाया गया है। उसी दौरान चीन ने भारत के साथ जो धोखे किया था वो भी फिल्म में चित्रित किया गया था। फिल्म का एक मशहूर डॉयलाग था जो हर भारतीय के दिल में उतर गया था।

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उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक - फोटो : यूट्यूब ग्रैब
‘हिंदुस्तान अब चुप नहीं बैठेगा, ये नया हिंदुस्तान है, घर में घुसेगा भी और मारेगा भी’

फिल्म- ‘उरी- द सर्जिकल स्टाइक’
उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म 2019 में रिलीज हुई थी। फिल्म में यह डॉयलाग परेश रावल ने बोला था। इसके बाद ऐसी ही लाइन आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ में भी सुनने को मिली थी।

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