'मुझे पता था कि एक दिन मेरा होगा'
रवि किशन ने आगे कहा कि उनके स्ट्रगल का सबसे मुश्किल पहलू यह भी था कि वे मुंबई में पैदल चला करते थे। उन मुश्किल वर्षों में अपने माइंडसेट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पॉजिटिव एटीट्यूड रखा। उनके कई दोस्त सुपरस्टार बन चुके थे, जबकि वे काम ढूंढने के लिए स्ट्रगल ही कर रहे थे। रिजेक्शन का सामना कर रहे थे। मगर, इतने पर भी उन्होंने अपना रवैया सकारात्मक रखा। रवि किशन ने कहा, 'मैंने मुंबई को पैदल नापा है। स्ट्रगल तो घनघोर वाला देखा है, लेकिन हमेशा मुस्कुराते हुए स्ट्रगल किया, क्योंकि मुझे पता था एक दिन मेरा होगा। वो पॉजिटिव एटीट्यूड कि एक दिन यह मेरा होगा'।
'मेरे पास रोने की कोई कहानी नहीं है'
अभिनेता ने आगे कहा, 'फिल्मों के रिजेक्शन, काम न मिलने, इंतजार करने और पैसे न होने से जूझते हुए हर दिन मेरे चेहरे पर मुस्कान रहती थी। मुझे लगता है कि मेरे जैसे सभी लोग होते हैं। मेरे पास रोने की कोई कहानी नहीं है'। रवि किशन के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म 'भाबीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन' है। यह 6 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। एक्टर आसिफ शेख, रोहिताश्व गौर और शुभांगी अत्रे अपने पॉपुलर रोल में वापस आएंगे। फिल्म में उनके साथ किशन, मुकेश तिवारी और निरहुआ भी होंगे। इसके अलावा वे 'खोसला का घोसला' के सीक्वल में भी नजर आएंगे।