फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मैंने मुंबई को पैदल नापा है'; रवि किशन ने याद किया करियर का शुरुआती दौर, बोले- 'घनघोर स्ट्रगल देखा है'

Sun, 25 Jan 2026 01:00 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ravi Kishan On Struggle: अभिनेता और पॉलिटिशियन रवि किशन आज लोकप्रियता के शिखर पर हैं। भोजपुरी से लेकर बॉलीवुड तक उन्होंने अपने अभिनय का जलवा दिखाया है। मगर, एक ऐसा भी वक्त था जब उन्हें खूब रिजेक्शन झेलने पड़े। हाल ही में रवि किशन ने संघर्ष का वह वक्त याद किया है। 
Register For Event
विज्ञापन
रवि किशन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक्टर-पॉलिटिशियन रवि किशन इंडस्ट्री के लोकप्रिय सितारों में शामिल हैं। मगर, संघर्ष और कड़ी मेहनत के बूते वे यहां तक पहुंचे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के मुश्किल दिनों के बारे में बताया है। एक्टर को वर्षों के स्ट्रगल, रिजेक्शन और पैसे की तंगी के बाद यह स्टारडम नसीब हुआ है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में रवि किशन ने कहा कि मुंबई की सड़कों पर घूमने से लेकर काम के लिए कभी न खत्म होने वाले इंतजार तक उनका सफर आसान नहीं था। उन्होंने खूब रिजेक्शन झेले हैं। साथ ही आर्थिक तंगी भी देखी।

विज्ञापन


'बड़ा पाव खाना भी ऐसा लगता जैसे पांच सितारा होटल में खा रहा हूं'
रवि किशन ने कहा कि स्ट्रगल के दौरान ऐसा वक्त भी आया, जब उनके पास पैसे नहीं थे और कोई काम नहीं था, लेकिन फिर भी उन्होंने मुस्कान और उम्मीद के साथ आगे बढ़ना चुना। एएनआई से बात करते हुए एक्टर ने बताया कि छोटी-छोटी चीजें भी कभी उन्हें बहुत खास लगती थीं। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'यही तो जिंदगी की खूबसूरती है। अगर स्ट्रगल के बिना कुछ मिल जाए तो क्या बात है। वड़ा पाव भी खाता था तो ऐसा लगता था कि किसी 5-स्टार होटल में खाना खा रहा हूं'।

विज्ञापन

रवि किशन - फोटो : ANI
'मुझे पता था कि एक दिन मेरा होगा'
रवि किशन ने आगे कहा कि उनके स्ट्रगल का सबसे मुश्किल पहलू यह भी था कि वे मुंबई में पैदल चला करते थे। उन मुश्किल वर्षों में अपने माइंडसेट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पॉजिटिव एटीट्यूड रखा। उनके कई दोस्त सुपरस्टार बन चुके थे, जबकि वे काम ढूंढने के लिए स्ट्रगल ही कर रहे थे। रिजेक्शन का सामना कर रहे थे। मगर, इतने पर भी उन्होंने अपना रवैया सकारात्मक रखा। रवि किशन ने कहा, 'मैंने मुंबई को पैदल नापा है। स्ट्रगल तो घनघोर वाला देखा है, लेकिन हमेशा मुस्कुराते हुए स्ट्रगल किया, क्योंकि मुझे पता था एक दिन मेरा होगा। वो पॉजिटिव एटीट्यूड कि एक दिन यह मेरा होगा'। 

'मेरे पास रोने की कोई कहानी नहीं है'
अभिनेता ने आगे कहा, 'फिल्मों के रिजेक्शन, काम न मिलने, इंतजार करने और पैसे न होने से जूझते हुए हर दिन मेरे चेहरे पर मुस्कान रहती थी। मुझे लगता है कि मेरे जैसे सभी लोग होते हैं। मेरे पास रोने की कोई कहानी नहीं है'। रवि किशन के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म 'भाबीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन'  है। यह 6 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। एक्टर आसिफ शेख, रोहिताश्व गौर और शुभांगी अत्रे अपने पॉपुलर रोल में वापस आएंगे। फिल्म में उनके साथ किशन, मुकेश तिवारी और निरहुआ भी होंगे। इसके अलावा वे 'खोसला का घोसला' के सीक्वल में भी नजर आएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें