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सीट का समीकरण: तीन चुनाव, पुरकाजी ने तीन अलग चेहरों को चुना, जानें किस दल का रहा यहां दबदबा

Fri, 14 Aug 2026 06:08 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

मुजफ्फरनगर की पुरकाजी विधानसभा सीट पर पहली बार 2012 में चुनाव हुए। बीते तीन चुनावों में कब किस दल को जीत मिली? इस सीट का जातीय समीकरण कैसा है? आइये जानते हैं...
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पुरकाजी विधानसभा सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर अभी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष दोनों मतदाताओं को लुभाने में लग गए हैं। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट के इतिहास, सामाजिक ताने-बाने और उसके राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी (Purqazi) विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इसका अब तक का इतिहास क्या रहा है।  
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पहले जानते हैं पुरकाजी सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला मुजफ्फरनगर है। जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, खतौली और मीरापुर सीटें शामिल हैं। हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' की आज की कड़ी में हम पुरकाजी विधानसभा सीट की बात करेंगे। मुजफ्फरनगर जिले की पुरकाजी विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद हुआ। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव भी वर्ष 2012 में हुआ। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक अनिल कुमार बने, जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
 

पुरकाजी विधानसभा सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले बात 2022 चुनाव की
2022 के चुनावों की बात करें तो, इन चुनावों में पुरकाजी से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इन चुनावों में पुरकाजी विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल के अनिल कुमार ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के प्रमोद उत्वाल को 6,500 वोट से हराया। इस चुनाव में आरएलडी के अनिल कुमार को 92,672 वोट मिले, जबकि भाजपा के प्रमोद उत्वाल को 86,140 वोट मिले। चुनाव में बसपा के सुरेंद्र पाल सिंह तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 27,778 वोट मिले।   

पुरकाजी विधानसभा सीट का जातीय समीकरण क्या?
पुरकाजी विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC) और जाट आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 35% हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति के लगभग 27%, जाट और ब्राह्मण/त्यागी मतदाता लगभग 10-10% तथा गुर्जर मतदाता लगभग  लगभग 7% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं।
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पुरकाजी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास  

2008 में अस्तित्व में आई पुरकाजी विधानसभा सीट पर पहले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को जीत हासिल हुई थी। चुनावों में बीएसपी की तरफ से मैदान में उतरे अनिल कुमार ने कांग्रेस के दीपक कुमार और सपा की तरफ से उमा किरण को हराकर जीत हासिल की थी। इन चुनावों में बसपा के अनिल कुमार को सबसे ज्यादा 53,491 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के दीपक कुमार और सपा की उमा किरण को क्रमश: 44,583  और 40,578 वोट मिले। 

2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में चुनाव हुआ। इन चुनावों में राज्य में भाजपा का बोलबाला रहा, जिसका असर पुरकाजी विधानसभा सीट पर भी पड़ा। इन चुनावों में पुरकाजी विधानसभा सीट से भाजपा के प्रमोद उत्वाल ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के दीपक कुमार और बसपा के अनिल कुमार को हराया। चुनावों में भाजपा के प्रमोद उत्वाल को 77,491 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के दीपक कुमार को 66,238 और बसपा के अनिल कुमार को 46,401 वोटों से संतोष करना पड़ा।
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