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यूपीपीएससी आरओ-एआरओ परीक्षा 2026 कितने अंकों की होगी? जानें प्रीलिम्स और मेन्स का पूरा पैटर्न

Mon, 02 Nov 2026 07:56 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

यूपीपीएससी आरओ-एआरओ भर्ती 2026 के लिए कुल 501 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीदवार 26 नवंबर तक फॉर्म भर सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में 200 सवाल पूछे जाएंगे और गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक कटेंगे। मुख्य परीक्षा में तीन प्रश्नपत्र होंगे। यहां जानें परीक्षा का पूरा ढांचा, अंक योजना, सामान्य अध्ययन, हिंदी और निबंध का पाठ्यक्रम और तैयारी से जुड़ी जरूरी बातें।
 
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने समीक्षा अधिकारी (आरओ), सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) और अन्य संबंधित पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती के तहत कुल 501 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 26 नवंबर 2026 तय की गई है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं, इसलिए प्रतियोगिता कड़ी रहने की उम्मीद है। ऐसे में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का ढांचा, पाठ्यक्रम और अंक योजना समझना जरूरी है।

प्रारंभिक परीक्षा कितने अंकों की होगी?

यूपीपीएससी आरओ-एआरओ की प्रारंभिक परीक्षा में कुल 200 बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। पूरा प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा और इसे हल करने के लिए तीन घंटे का समय मिलेगा। इसमें सामान्य अध्ययन के 140 सवाल होंगे, जिनके लिए 140 अंक तय हैं। वहीं सामान्य हिंदी के 60 सवाल पूछे जाएंगे और यह भाग 60 अंकों का होगा। प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक मिलेगा। परीक्षा में गलत जवाब देने पर एक तिहाई अंक यानी लगभग 0.33 अंक काटे जाएंगे। इसलिए उम्मीदवारों को सवाल हल करते समय सही उत्तर चुनने के साथ सावधानी भी बरतनी होगी।

सामान्य अध्ययन में क्या-क्या पढ़ना होगा?

प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन वाले भाग में कई विषयों से सवाल पूछे जाएंगे। इसमें सामान्य विज्ञान, भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, कृषि, वाणिज्य और व्यापार से भी प्रश्न आएंगे। उम्मीदवारों को जनसंख्या, पारिस्थितिकी, नगरीकरण, विश्व भूगोल, भारत का भूगोल और प्राकृतिक संसाधनों की तैयारी भी करनी होगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। सामान्य बुद्धिमत्ता के साथ उत्तर प्रदेश की शिक्षा, संस्कृति, कृषि, उद्योग, व्यापार और सामाजिक परंपराओं से जुड़ी जानकारी भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।

सामान्य हिंदी में कौन से सवाल पूछे जाएंगे?

प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य हिंदी के 60 बहुविकल्पीय सवाल होंगे। इस भाग में उम्मीदवारों की हिंदी भाषा और व्याकरण की समझ जांची जाएगी। इसमें विलोम शब्द, पर्यायवाची शब्द, वाक्य और वर्तनी सुधार से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अलावा अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखना, समान प्रयोग और समान प्रकृति वाले शब्दों की पहचान करना भी पाठ्यक्रम में शामिल है। विशेष्य और विशेषण से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। हिंदी के इस भाग में अच्छे अंक पाने के लिए उम्मीदवारों को व्याकरण के नियमों के साथ शब्दों के सही अर्थ और प्रयोग का नियमित अभ्यास करना चाहिए।

मुख्य परीक्षा में कितने प्रश्नपत्र होंगे?

प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य परीक्षा में कुल तीन प्रश्नपत्र होंगे। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का होगा, जिसमें 120 सवाल पूछे जाएंगे और यह 120 अंकों का होगा। इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित है। दूसरा प्रश्नपत्र सामान्य हिंदी और आलेखन का होगा। यह दो हिस्सों में बंटा होगा। पहले हिस्से में 100 अंकों के वर्णनात्मक सवाल होंगे, जबकि दूसरे हिस्से में सामान्य शब्द ज्ञान के 60 अंकों के वस्तुनिष्ठ सवाल पूछे जाएंगे। तीसरा प्रश्नपत्र हिंदी निबंध का होगा, जो 120 अंकों का होगा। इस तरह मुख्य परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी।

हिंदी और आलेखन के पेपर में क्या आएगा?

मुख्य परीक्षा के दूसरे प्रश्नपत्र के पहले हिस्से में हिंदी और सरकारी कामकाज से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसमें दिए गए गद्यांश का शीर्षक लिखना, उसका सार तैयार करना और रेखांकित अंशों की व्याख्या करना शामिल है। सरकारी पत्र का सार तालिका के रूप में लिखने का अभ्यास भी जरूरी है। इसके अलावा सरकारी और अर्धसरकारी पत्र, कार्यालय ज्ञापन, परिपत्र, सूचना, टिप्पणी, रिपोर्ट और अनुस्मारक लिखने से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। प्रशासनिक और वाणिज्यिक शब्दावली के अंतर्गत अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी में शब्दों का अनुवाद करना होगा। मुहावरों और कंप्यूटर ज्ञान से जुड़े प्रश्न भी इस भाग में शामिल हैं।

सामान्य शब्द ज्ञान में किन विषयों की तैयारी करें?

मुख्य परीक्षा के दूसरे प्रश्नपत्र के दूसरे हिस्से में सामान्य शब्द ज्ञान के 60 अंकों के सवाल होंगे। यह भाग वस्तुनिष्ठ प्रकार का होगा और इसके लिए 30 मिनट का समय मिलेगा। इसमें विलोम शब्द, वाक्य सुधार, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द और समान प्रयोग वाले शब्दों से प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अलावा संज्ञा से बने शब्दों और विशेषण से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे। प्रत्येक विषय से 12 अंकों के प्रश्न पूछे जाने का प्रावधान है। उम्मीदवारों को इन विषयों के लिए शब्दों का अर्थ याद करने के साथ-साथ उनका वाक्यों में सही इस्तेमाल करना भी सीखना चाहिए।

हिंदी निबंध के पेपर में क्या लिखना होगा?

मुख्य परीक्षा का तीसरा प्रश्नपत्र हिंदी निबंध का होगा। यह 120 अंकों का होगा और इसे हल करने के लिए तीन घंटे मिलेंगे। इसमें तीन अलग-अलग समूहों से एक-एक विषय चुनकर कुल तीन निबंध लिखने होंगे। प्रत्येक निबंध के लिए 40 अंक तय हैं। पहले समूह में साहित्य और संस्कृति, सामाजिक और राजनीतिक विषय शामिल होंगे। दूसरे समूह में विज्ञान, पर्यावरण, तकनीक, अर्थव्यवस्था, कृषि और व्यापार से जुड़े विषय आ सकते हैं। तीसरे समूह में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, प्राकृतिक आपदाएं और राष्ट्रीय विकास योजनाएं शामिल होंगी। उम्मीदवारों को निर्धारित शब्द सीमा में स्पष्ट और तथ्यपूर्ण निबंध लिखने का अभ्यास करना चाहिए।
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