बीटेक में 95.47 फीसदी प्लेसमेंट, कितना रहा सबसे बड़ा पैकेज?
बीटेक कार्यक्रम में 95.47 फीसदी प्लेसमेंट दर दर्ज की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा सालाना पैकेज 1.31 करोड़ रुपये रहा। बीटेक छात्रों के लिए अन्य प्रमुख आंकड़े इस प्रकार रहे:
- सबसे ज्यादा सालाना पैकेज: 1.31 करोड़ रुपये
- औसत सालाना पैकेज: 15.33 लाख रुपये
- मध्यिका सालाना पैकेज: 12.50 लाख रुपये
- 30 लाख रुपये से ज्यादा सालाना पैकेज पाने वाले छात्र: 83 से अधिक
- कुल प्लेसमेंट प्रस्ताव: 1,340
कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के एक छात्र को 83.60 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला, जो 1.31 करोड़ रुपये के बाद बीटेक में दूसरा सबसे बड़ा पैकेज रहा।
किन बीटेक शाखाओं में सभी पंजीकृत छात्रों का चयन हुआ?
संस्थान के अनुसार, जैव-चिकित्सा अभियांत्रिकी, रासायनिक अभियांत्रिकी, सिरेमिक अभियांत्रिकी, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, विद्युत अभियांत्रिकी और यांत्रिक अभियांत्रिकी में सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को प्लेसमेंट के अवसर मिले।
वहीं, जैव प्रौद्योगिकी, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, औद्योगिक डिजाइन तथा धातुकर्म एवं सामग्री अभियांत्रिकी में प्लेसमेंट दर 90 फीसदी से अधिक रही।
एमटेक में कितना रहा सबसे बड़ा पैकेज?
एमटेक छात्रों के लिए भी प्लेसमेंट के आंकड़े बेहतर रहे। कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में सबसे ज्यादा 46.38 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी में 44 लाख रुपये सालाना का पैकेज रहा। एमटेक के लिए:
- सबसे ज्यादा पैकेज: 46.38 लाख रुपये सालाना
- औसत पैकेज: 11.90 लाख रुपये सालाना
- मध्यिका पैकेज: 9 लाख रुपये सालाना
किन क्षेत्रों में मिली सबसे ज्यादा नौकरियां?
एनआईटी राउरकेला के करियर विकास केंद्र के अनुसार, कुल नौकरी प्रस्तावों में कोर क्षेत्र की भूमिकाओं की हिस्सेदारी 41.69 फीसदी रही। क्षेत्रवार हिस्सेदारी इस प्रकार रही:
- सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी: 17.79 फीसदी
- पावर और हेवी: 13.77 फीसदी
- बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा: 11.52 फीसदी
- विश्लेषण और परामर्श: 9.50 फीसदी
- इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और वीएलएसआई: 8.40 फीसदी
- शिक्षा: 7.23 फीसदी
- विनिर्माण: 8.09 फीसदी
- तेल और गैस: 7.86 फीसदी
छात्रों को सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सॉफ्टवेयर विकास इंजीनियर, हार्डवेयर इंजीनियर, स्नातक प्रशिक्षु इंजीनियर, डेटा विश्लेषक और व्यवसाय विश्लेषक जैसी भूमिकाओं के लिए चुना गया।
इंटर्नशिप में कितना मिला स्टाइपेंड?
छह महीने की इंटर्नशिप के लिए 364 प्रस्ताव मिले। इन इंटर्नशिप को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को आगे नौकरी का प्रस्ताव मिलने की संभावना थी।
वहीं, 258 ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप के प्रस्ताव मिले। इनसे अगले प्लेसमेंट सत्र में इसी तरह के अवसर मिलने की संभावना हो सकती है। इंटर्नशिप के दौरान सबसे ज्यादा 1.50 लाख रुपये प्रति माह का स्टाइपेंड मिला।
कौन-कौन सी कंपनियां प्लेसमेंट में शामिल हुईं?
प्लेसमेंट अभियान में कई प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें आदित्य बिड़ला समूह, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू समूह, लार्सन एंड टुब्रो, जेडएस एसोसिएट्स, वेदांता रिसोर्सेज, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एक्सॉनमोबिल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, डेलॉइट यूएसआई, एक्सेंचर, क्वालकॉम और टाटा स्टील समेत अन्य कंपनियां शामिल रहीं।