National Teachers Awards 2026: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए 48 शिक्षकों के नामों की घोषणा की है। इन शिक्षकों को स्कूली शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची जारी की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को इन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक भी सूची में शामिल हैं।
सूची में गोवा के महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात के नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा के अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश की मंजरी वी. महाजन, जम्मू-कश्मीर के मोहम्मद अयाज रैना और मध्य प्रदेश की अर्चना शुक्ला भी शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और लद्दाख समेत अन्य क्षेत्रों के शिक्षक भी पुरस्कार के लिए चुने गए हैं।
| क्र.सं. | नाम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश / संगठन |
|---|---|---|
| 1 | जे प्रकाश राव | अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह |
| 2 | राजेश कौलुरी | आंध्र प्रदेश |
| 3 | याकू तामे | अरुणाचल प्रदेश |
| 4 | राजेश बोरदोलोई | असम |
| 5 | खुशबू कुमारी | बिहार |
| 6 | पुष्पा प्रसाद | बिहार |
| 7 | राधा राजेश | सी.आई.एस.सी.ई. |
| 8 | संगीता यादव | सी.बी.एस.ई. |
| 9 | रवि जायसवाल | चंडीगढ़ |
| 10 | सुनिता यादव | छत्तीसगढ़ |
| 11 | पटेल पूर्णिमा मोहनलाल | दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव |
| 12 | सुमन गोयल | दिल्ली |
| 13 | मो. ज़फर आलम | एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (जनजातीय कार्य मंत्रालय) |
| 14 | महादेव हनमंत शिंदे | गोवा |
| 15 | नितिनकुमार महेंद्रकुमार पाठक | गुजरात |
| 16 | अनिल कौशिक | हरियाणा |
| 17 | मंजरी वी महाजन | हिमाचल प्रदेश |
| 18 | मोहम्मद अयाज रैना | जम्मू और कश्मीर |
| 19 | मुनमुन भट्टाचार्जी | झारखंड |
| 20 | रत्नाकुमारी एस | कर्नाटक |
| 21 | अमुथा जे | केंद्रीय विद्यालय संगठन |
| 22 | डॉ. मनीषा क्षेत्रपाल | केंद्रीय विद्यालय संगठन |
| 23 | सुनील कुमार केपी | केरल |
| 24 | मोहम्मद मुस्तफा कुमल | लद्दाख |
| 25 | डॉ. अर्चना शुक्ला | मध्य प्रदेश |
| 26 | शैलेंद्र प्रताप सिंह | मध्य प्रदेश |
| 27 | डॉ. कविता नरसिंगराव गित्ते | महाराष्ट्र |
| 28 | कुंदा जयवंत बच्छाव | महाराष्ट्र |
| 29 | वांगलेम्बम गोबिन सिंह | मणिपुर |
| 30 | लालनुनमावी | मिजोरम |
| 31 | आर रोनाल्ड मेरु | नगालैंड |
| 32 | वैभव वसंतराव कुलकर्णी | नवोदय विद्यालय समिति |
| 33 | पदराज उमाकांत नायक | ओडिशा |
| 34 | गणेसन एस | पुडुचेरी |
| 35 | दिनेश कुमार | पंजाब |
| 36 | डॉ. दिव्येंदु सेन | राजस्थान |
| 37 | डॉ. वर्तिका गुलाटी | राजस्थान |
| 38 | शिवप्रसाद अरविंद टिंगरे | रक्षा मंत्रालय के तहत सैनिक स्कूल |
| 39 | सुषमा तमंग | सिक्किम |
| 40 | थंगा राज एम | तमिलनाडु |
| 41 | भवानी बोमपेल्ली | तेलंगाना |
| 42 | रंजन देबनाथ | त्रिपुरा |
| 43 | डॉ. रेनू त्रिपाठी | उत्तर प्रदेश |
| 44 | डॉ. इफ्तिखार खान | उत्तर प्रदेश |
| 45 | शालिनी कुशवाहा | उत्तर प्रदेश |
| 46 | गबर सिंह | उत्तराखंड |
| 47 | पलाश चौधरी | पश्चिम बंगाल |
| 48 | शांतनु पात्रा | पश्चिम बंगाल |
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की सूची में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और शैक्षणिक संगठनों से कुल 48 शिक्षकों को शामिल किया गया है, जिसमें सबसे अधिक 3-3 शिक्षक उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र (नवोदय विद्यालय समिति सहित) से चयनित हुए हैं। वहीं, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से 2-2 शिक्षकों का चयन किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तराखंड से 1-1 शिक्षक इस सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़, दादरा-नगर हवेली एवं दमन-दीव और दिल्ली से भी 1-1 शिक्षक शामिल हैं।
संस्थागत और बोर्ड श्रेणी के तहत केंद्रीय विद्यालय संगठन से 2 शिक्षक, जबकि सीबीएसई, सीआईएससीई, रक्षा मंत्रालय के तहत सैनिक स्कूल तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय से 1-1 शिक्षक का चयन किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य देश के उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना है। यह पुरस्कार उन शिक्षकों को प्रोत्साहित करता है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के जीवन को भी समृद्ध किया है। सरकार के मुताबिक, इन शिक्षकों का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।