बैठक में क्या चर्चा हुई?
संस्कृत अध्ययन, बौद्ध साहित्य और नवाचार आधारित सांस्कृतिक परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई। डॉ. झोउ लिकुन ने अपने शोध से जुड़े अनुभव साझा किए, जिसमें भारतीय खगोल विज्ञान, पंचांग (कैलेंडर) और साहित्य शामिल हैं। ली हांसी ने Narasimha Workshop द्वारा भारतीय संस्कृति से जुड़े क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स और उत्पादों की झलक प्रस्तुत की।
उद्देश्य
इस मुलाकात का मुख्य मकसद भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक और विद्वतापूर्ण सहयोग को मजबूत करना, साथ ही संस्कृत व पाली अध्ययन को बढ़ावा देना रहा।