सिकल सेल एनीमिया के लिए किट विकसित
कलैसेल्वी ने बताया कि सीएसआईआर ने सिकल सेल एनीमिया की पहचान के लिए एक छोटा किट विकसित किया है, जो केवल सूखे खून की एक बूंद से 20 मिनट में जांच कर सकता है कि रोगी को यह बीमारी है या नहीं।
यह किट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। सीएसआईआर स्क्रीनिंग, उपचार और उपचारात्मक हस्तक्षेप, तीनों क्षेत्रों में काम कर रहा है। अब तक देश भर में 25 लाख से अधिक मरीजों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है।
कार्बन कैप्चर पर भी काम जारी
महानिदेशक ने बताया कि सीएसआईआर कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) तकनीक पर भी काम कर रहा है, जिसके माध्यम से उद्योगों से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर कर या तो सुरक्षित रूप से भंडारित किया जा सकता है या फिर प्रोडक्ट्स में दोबारा उपयोग किया जा सकता है।
तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर कदम
उन्होंने कहा कि सीएसआईआर का उद्देश्य प्रयोगशाला से उद्योगों तक तकनीक पहुंचाना और आम जनता तक उसके लाभ पहुंचाना है, ताकि भारत आत्मनिर्भर बन सके और विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ सके।