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तीन भाषा नीति: 9वीं में राहत की मांग पर सीजेआई क्या बोले? कक्षा 6 में 2027 से लागू करने पर विचार करेगा सीबीएसई

Thu, 17 Sep 2026 03:44 PM IST
आकाश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

CBSE 3-Language Policy: सीबीएसई की तीन भाषा नीति मामले में कक्षा 9 के छात्रों को राहत देने की मांग पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कक्षा 9 एक परिपक्व कक्षा है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने एसटीईएम विषयों को अधिक महत्व देने पर जोर दिया और पाठ्यक्रम संबंधी दिक्कतें बताईं। जानें पूरा मामला...
 
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CBSE 3-Language Policy - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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CBSE 3-Language Policy: सीबीएसई की तीन भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान कक्षा 9 के छात्रों को भी राहत देने की मांग उठी। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “हर कोई बिना कुछ पढ़े मुफ्त में डिग्री चाहता है। यही संस्कृति हम बढ़ावा दे रहे हैं... कक्षा 9 एक परिपक्व कक्षा है।”

कक्षा 6 में तीन भाषा लागू करने पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

कक्षा 6 में तीन भाषा नीति लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को अहम सुझाव दिया है। अदालत ने बोर्ड से कहा है कि वह मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने के लिए इस नीति को अगले शैक्षणिक सत्र यानी 2027 से लागू करने पर विचार करे।

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उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र अभी कक्षा 6 में हैं और इसी वर्ष तीन भाषाएं पढ़ना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है। सीबीएसई ने कहा कि वह इस सुझाव पर विचार करके मामले में नई जानकारी के साथ अदालत के सामने आएगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह सुझाव दिया। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे।
 

याचिका में क्या मांग की गई है?

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है तथा कुछ राज्यों की भाषा नीतियों से भी टकरा सकती है। वहीं, सीबीएसई का कहना है कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह कदम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और बहुभाषी शिक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

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यह मामला सीबीएसई की तीन भाषा नीति से जुड़ा है, जिसके तहत कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई का प्रावधान किया गया है। मामले में कक्षा 6 के छात्रों के लिए भी राहत पर पहले अदालत ने सीबीएसई से अपने रुख पर दोबारा विचार करने को कहा था।

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क्या है मामला?

  • सीबीएसई ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य की है। इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल करना जरूरी है।
  • इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।
  • याचिकाकर्ताओं ने नीति लागू करने के तरीके और सीबीएसई के अधिकार को लेकर सवाल उठाए।
  • मामले में कोर्ट ने केंद्र, सीबीएसई और एनसीईआरटी से जवाब मांगा और छात्रों पर अतिरिक्त पढ़ाई के दबाव को लेकर भी चर्चा हुई है।
  • आज इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।
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