Varanasi News: इंजीनियरिंग शिक्षा में लड़कियों की संख्या लड़कों के मुकाबले चार गुना तक कम है, मगर मंच कला और डेंटल कोर्स में डेढ़ गुना तक ज्यादा है। 2025 में सभी आईआईटी की 18,188 सीटों में से 3664 छात्राओं ने अपना नामांकन कराया। वहीं, आईआईटी बीएचयू में यूजी, पीजी और पीएचडी तीनों कोर्स को मिलाकर कुल 9354 टेक्नोसेवियों में से 2018 छात्राएं हैं।
दूसरी ओर आईआईटी बीएचयू में बीटेक की कुल सीटें 1528 हैं। इनमें से 1233 टेक्नोसेवियों के कैंपस प्लेसमेंट में 246 छात्राएं और 987 छात्र हैं। हालांकि, छात्र और छात्राओं के बीच का ये फर्क दूसरी आईआईटी में भी हैं। पूरे भारत की आईआईटी में छात्राओं की औसत संख्या छात्रों के मुकाबले 20 फीसदी ही है।
बीएचयू और एमएमवी को मिलाकर भी छात्राएं डेढ़ गुना कम : बीएचयू में कुल 26 हजार विद्यार्थियों में से 16000 छात्र और 9000 छात्राएं हैं। बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में छात्राओं की संख्या छात्रों से 22 गुना तक कम है। वहीं, दंत विज्ञान संकाय और संगीत एवं मंच कला एक ऐसा संकाय है। इसमें छात्राओं की संख्या छात्रों से भी ज्यादा है। दंत विज्ञान में 76 छात्रों के मुकाबले 106 छात्राएं हैं। वहीं मंच कला संकाय में 575 छात्राएं हैं।