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दिल्ली: भाजपा विधायक गजेंद्र दराल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा, मंडल अध्यक्ष को पीटने का गंभीर आरोप

Tue, 15 Sep 2026 07:54 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

मुंडका विधायक गजेंद्र दराल और उनके सहयोगियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें कराला स्थित भाजपा जिला कार्यालय में जातिसूचक गालियां दी गईं। उन पर जानलेवा मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
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मुंडका विधायक गजेंद्र दराल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कंंझावला थाने में मुंडका विधायक गजेंद्र दराल समेत उनके सहयोगियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि 10 सितंबर 2026 को दीपक माथुर के कराला स्थित बीजेपी जिला कार्यालय में उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं, जानलेवा मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

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एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 115(2), 127(2), 140(3), 351(2), 61(2) और 3(5), आयुध अधिनियम की धारा 25 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(आर)(एस) लगाई गई हैं। बाद में एससी/एसटी अधिनियम की अतिरिक्त धाराएं तथा बीएनएस की धारा 140(4) भी जोड़ी गईं। जांच इंस्पेक्टर किशन कुमार यादव को सौंपी गई है।

यह है मामला
शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने बताया कि वे बीजेपी वार्ड 32 के मंडल अध्यक्ष हैं। 10 सितंबर 2026 को शाम करीब 7:50 बजे विधायक गजेंद्र दराल ने उनके मोबाइल पर फोन कर वार्ड की वोटिंग लिस्ट लेकर दीपक माथुर के कार्यालय पहुंचने को कहा।

उन्होंने कहा कि फोन बंद न करें क्योंकि उनकी एआरओ के साथ मीटिंग है।सुनील कुमार अपने साथी जय भगवान के साथ करीब 8:15 बजे दीपक माथुर के बीजेपी कार्यालय, कराला पहुंचे। वहां दीपक माथुर, विधायक गजेंद्र द्रालल, विवेक, दीपक माथुर का भांजा अमित माथुर तथा 4-5 अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। दीपक माथुर ने विधायक के कहने पर अमित माथुर को बुलाया।
 

विधायक ने कहा कितनी भी माला पहन लो.... इसके बाद की जाति सूचक टिप्पणी- शिकायतकर्ता का आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया कि अमित माथुर ने आते ही ऑफिस का शटर बंद करवा दिया। शिकायत के अनुसार अमित माथुर ने उनसे मारपीट शुरू कर दी और जातिसूचक गालियां दीं। उन्होंने बार-बार जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
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आरोप है कि विधायक गजेंद्र दराल यही नहीं रूके। गालियां देते हुए उन्होंने पाइप व बेल्ट से पिटाई भी की। इसमें अमित माथुर भी सहयोगी बना। दीपक माथुर, उनके भांजे और विवेक ने हाथ-पैर पकड़कर गुप्तांगों पर 8-10 बार लात मारी। रात भर मारपीट जारी रही।
 
शिकायतकर्ता 2-3 बार बेहोशी की हालत में पहुंच गए। रात में संतोष कौशिक और शालू शर्मा को उनके चोट दिखाए गए। उनके जाने के बाद दोबारा मारपीट की गई। शिकायतकर्ता बेहोश हो गए। 11 सितंबर 2026 सुबह करीब 5:15 बजे उन्हें छोड़ा गया। जाते-जाते धमकी दी गई कि अगर कहीं शिकायत की तो जान से मार देंगे और शरीर का पता भी नहीं चलेगा।
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