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सीमापुरी हादसा: गुलअफ्शां की आखिरी कोशिश भी नहीं बचा सकी जिंदगी, अम्मी-अब्बू से लगाती रही गुहार

Thu, 08 Oct 2026 04:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा चिराग गुप्ता, नई दिल्ली

सार

गंभीर रूप से घायल गुलअफ्शां को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाद में उनकी मासूम बच्ची ने भी दम तोड़ दिया।
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ध्वस्त इमारत में खत्म हुई जिंदगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हादसे के बीच गर्भवती गुलअफ्शां और उनकी मासूम बेटी को बचाने की कोशिश की कहानी बेहद मार्मिक रही। गुलअफ्शां अपनी मां से मिलने मायके आई थीं। बुधवार दोपहर अचानक इमारत ढहने से वह अपनी बच्ची के साथ मलबे में दब गई। चारों ओर मलबा और अंधेरा था, लेकिन गुलअफ्शां ने हिम्मत नहीं छोड़ी। 

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उन्होंने किसी तरह फोन मिलाकर परिजन से कहा, अम्मी अब्बू, मुझे बचा लो... बेटी की आवाज सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। आवाज मिलने के बाद स्थानीय लोग तत्काल घटनास्थल पर जुट गए। राहत और बचाव दल ने भी बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे को सावधानी से हटाते हुए बचावकर्मी मां-बेटी तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। 

करीब डेढ़ घंटे तक जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चलती रही। इस दौरान परिजन उम्मीद लगाए बचाव अभियान देखते रहे। आखिरकार रात करीब आठ बजे बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद गुलअफ्शां और उनकी बच्ची को मलबे से बाहर निकाल लिया। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। 
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हालांकि, गंभीर रूप से घायल गुलअफ्शां को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाद में उनकी मासूम बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। मां-बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। जिस बच्ची को बचाने के लिए गुलअफ्शां ने मलबे के भीतर से अपने माता-पिता को फोन किया था, आखिरकार उसे भी नहीं बचाया जा सका।

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