-9 जोन और 20 सेक्टरों में तैयार किया परिसर में अभेद सुरक्षा कवच
-550 सीसीटीवी, 24 घंटे एक्टिव कंट्रोल कमांड सेंटर से की निगरानी
-7 डीसीपी, 14 एडीसीपी, 38 एसीपी, 80 निरीक्षक, 300 एसआई, 40 महिला एसआई और 1400 कांस्टेबल रहे तैनात
-7 कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरएएफ ने सुरक्षा को दी मजबूती
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एक्सपो मार्ट में आयोजित हुए यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को सुरक्षित बनाने में पुलिस की भूमिका अहम रही। पुलिस की चौकसी और स्मार्ट पुलिसिंग की बदौलत यह आयोजन जीरो-इंसिडेंट इवेंट बन सका। विदेशी मेहमान, वीआईपी मेहमानों और प्रतिदिन लाखों आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक और अभेद्य सुरक्षा कवच का सहारा लिया।
पूरे आयोजन स्थल को 9 जोन और 20 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। 550 सीसीटीवी कैमरों और 24 घंटे एक्टिव कंट्रोल कमांड सेंटर से पल-पल की निगरानी की गई। अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात डीसीपी, 14 एडीसीपी, 38 एसीपी, 80 इंस्पेक्टर, 300 सब-इंस्पेक्टर, 40 महिला एसआई और 1,400 कांस्टेबल तैनात किए गए। महिला सुरक्षा के लिए 150 महिला कांस्टेबल भी ड्यूटी पर रहीं। इसके अलावा, सात कंपनियां पीएसी और एक कंपनी आरएएफ की तैनाती से सुरक्षा और मजबूत हुई।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से साझा किया ट्रैफिक प्लान
आगंतुकों को ट्रैफिक की परेशानी न हो इसके लिए 10 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 20 टीएसआई, 450 ट्रैफिक कांस्टेबल और 3 एसीपी ट्रैफिक की ड्यूटी लगाई गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डायवर्जन प्लान साझा किए गए।
साइन बोर्डों ने राह की आसान
शहरभर में साइन बोर्ड लगाए गए। नतीजा यह रहा कि आयोजन स्थल तक पहुंचने में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी। ट्रेड शो में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए सात पार्किंग स्थल बनाए गए थे। जहां 15 हजार से अधिक वाहनों की व्यवस्था थी। नासा पार्किंग में अकेले 10 हजार गाड़ियों की क्षमता थी। पार्किंग से आयोजन स्थल तक आगंतुकों को ले जाने के लिए शटल बस सेवा भी उपलब्ध रही। ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती ने आसमान से निगरानी को मजबूत किया।
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए महिला पुलिस बल की सक्रियता हर जगह देखने को मिली। डिजिटल माध्यम से लोगों को समय-समय पर जानकारी दी गई और तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया।