निर्यात से जीएसटी नहीं, लेकिन मिलते हैं डॉलर
जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि नोएडा में 60 फीसदी निर्यातक कंपनियां हैं, जो इलेक्ट्रिक मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर वस्त्रों समेत अन्य उत्पादों का विनिर्माण करती हैं। यह उत्पाद सिर्फ घरेलू मांग ही नहीं बल्कि वैश्विक मांग को भी पूरा करती हैं। बता दें, संयुक्त उद्योग कमिश्नर ने बताया कि यूपी ने साल 2025-26 में एक लाख 86 हजार करोड़ रुपये के उत्पाद निर्यात किए। इनमें से अकेले 47 फीसदी उत्पाद नोएडा से निर्यात किए गए, यानी कि करीब 95 हजार से अधिक का निर्यात किया गया। सरकार निर्यातकों पर जीएसटी नहीं लगाती है, लेकिन सरकार को उसके बदले में डॉलर करेंसी प्राप्त होती है, जो एक राजस्व समान है।
नोएडा सिर्फ यूपी ही नहीं, अन्य राज्यों को भी देता है राजस्व : जीएसटी के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा में बनने वाले उत्पाद सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में भी जाते हैं। तकनीकी तौर पर इसे समझें तो मान लीजिए कोई उत्पादन नोएडा में बना, यदि उसका 20 फीसदी उत्पादन यूपी में खपत हुआ तो उसे स्टेट जीएसटी उससे राजस्व प्राप्त करेगा, लेकिन यदि उसका 80 फीसदी माल किसी अन्य प्रदेश में जाता है तो उसे जीएसटी वसूली के लिए ट्रांसफर कर दिया जाता है, यानी उससे मिलने वाला जीएसटी संबंधित प्रदेश की झोली में जाता है।
अब समझें नोएडा को इस बार कितना मिला राजस्व
विभाग राजस्व रुपये में, 2025-26)
जीएसटी संग्रह 12,941.27 करोड़
नोएडा रजिस्ट्री कार्यालय: 4570.78 करोड़
फेज-2 नवीन फल सब्जी मंडी 3789.56 लाख
परिवहन निगम 16.24 करोड़
बीते एक दशक में सबसे ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ है, नोएडा में लोग तेजी से निवेश कर रहे हैं, खासकर उद्योग और आवासीय क्षेत्र में पंजीकरण बढ़ रहा है। -अरूण कुमार शर्मा, एआईजी प्रथम, नोएडा प्रथम व द्वितीय कार्यालय
यूपी में करीब एक लाख 86 हजार करोड़ का निर्यात हुआ, इसमे से अकेले 47 फीसदी नोएडा से निर्यात होता है, जो सरकार को बेहतर राजस्व देता है। -अनिल कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग, उत्तर प्रदेश सरकार
प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले नोएडा की सब्जी मंडी ने इस बार सबसे ज्यादा राजस्व दिया है, यह नोएडा में बढ़ी बेहतर खरीद फरोख्त और आवक से संभव हुआ है। -पंकज शर्मा, सचिव, नवीन फल एवं सब्जी मंडी, फेज-2
इस बार करीब 15 फीसदी ज्यादा राजस्व मिला है, पिछले साल के मुकाबले हुआ यह इजाफा हर साल बढ़ता जा रहा है। -मनोज कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, नोएडा
नोएडा में लग्जरी वाहनों समेत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद फरोख्त बढ़ी है, लग्जरी वाहन और कॉमर्शियल वाहन सबसे ज्यादा राजस्व बढ़ाने में मददगार हैं। -नंद कुमार, एआरटीओ गौतमबुद्ध नगर