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Noida News: इंद्रलोक से कश्मीरी गेट तक बढ़ेगा मुनक नहर एलिवेटेड कॉरिडोर

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कश्मीरी गेट के आसपास व मध्य दिल्ली में जाम की समस्या खत्म होगी, लोगों को मिलेगी राहत
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04 किमी लंबी टनल बनेगी
अमर उजाला ब्यूरो



नई दिल्ली।
मुनक नहर एलिवेटेड कॉरिडोर को इंद्रलोक से कश्मीरी गेट तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए चार किलोमीटर लंबी टनल बनेगी। इससे पहले योजना थी कि बवाना से इंद्रलोक तक 20 किलोमीटर लंबा सिग्नल फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाए लेकिन अब इस योजना को चार किमी का विस्तार दिया गया है। इससे कश्मीरी गेट के आसपास ही नहीं बल्कि मध्य दिल्ली में जाम की समस्या खत्म होगी। साथ ही, जिन वाहनों को हरियाणा की तरफ जाना होगा उन्हें सिग्नल फ्री कॉरिडोर की सुविधा मिलेगी।



यह योजना दिल्ली सरकार की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत शहर के सड़क ढांचे को आधुनिक और टिकाऊ बनाया जा रहा है। मुनक नहर एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से लेकर मध्य दिल्ली तक सिग्नल-फ्री और तेज रफ्तार सफर मुहैया कराएगा। यह परियोजना पूरी होने के बाद सोनीपत, रोहतक और अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर) से आने वाले वाहनों को सीधे मध्य दिल्ली तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। अभी मुकरबा चौक, आजादपुर, रोशनारा रोड और बुराड़ी क्षेत्र में घंटों जाम लगता है लेकिन एलिवेटेड कॉरिडोर और सुरंग के संयोजन से यह समस्या खत्म होगी।
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पीडब्ल्यूडी के प्रारंभिक अनुमान बताते हैं कि परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 40 प्रतिशत तक कम समय में पूरा किया जा सकेगा। यह न केवल यात्रियों के समय की बचत करेगा बल्कि वाहनों की ईंधन खपत और प्रदूषण स्तर दोनों में कमी लाएगा।





मध्य दिल्ली को होगा सबसे ज्यादा फायदा

चार किमी लंबी टनल इंद्रलोक से आईएसबीटी कश्मीरी गेट को सीधे जोड़ेगी। इससे दिल्ली मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल और रेलवे स्टेशन के पास वाहनों का दबाव कम होगा। मार्ग के शुरू होने से नॉर्थ, नॉर्थ-वेस्ट और वेस्ट दिल्ली के हजारों लोगों को सीधा फायदा होगा जो रोजाना कश्मीरी गेट, सिविल लाइंस, आईटीओ या पुरानी दिल्ली की तरफ यात्रा करते हैं। मौजूदा समय में कश्मीरी गेट ट्रैफिक के लिहाज से काफी बड़ा हाटस्पाॅट बन चुका है। यहां पर पांच अलग-अलग दिशाओं से ट्रैफिक की आवाजाही होती है। ऐसे में जाम आम बात है।





पीडब्यूडी की अन्य विभागों से बातचीत शुरू

पीडब्ल्यूडी ने इस योजना को दिल्ली की संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी के अनुरूप लागू करने के लिए अन्य विभागों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। तैयार की जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में इंजीनियरिंग डिजाइन, सुरंग निर्माण की तकनीकी योजना और मौजूदा एलिवेटेड नेटवर्क के साथ एकीकरण की रूपरेखा तय की जाएगी। इस डीपीआर के बाद परियोजना की लागत, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आंतरिक संकरी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाएगी और सुरक्षित, तेज व पर्यावरण-अनुकूल यातायात को बढ़ावा देगी।



हरियाणा से होगी निर्बाध कनेक्टिविटी

मुनक नहर रोड दिल्ली-हरियाणा के बीच अहम कनेक्टिविटी रूट है। इस विस्तार के बाद यह मार्ग सीधे दिल्ली के मुख्य हिस्सों कश्मीरी गेट, आईएसबीटी, सिविल लाइंस और आउटर रिंग रोड से जुड़ जाएगा। इस कनेक्टिविटी से दिल्ली के व्यापारिक इलाकों तक सामान की ढुलाई तेज और सुगम होगी। दिल्ली सरकार का मानना है कि इससे शहर की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
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भविष्य की यातायात जरूरतों का ध्यान

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि यह योजना दिल्ली की भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। दिल्ली को अब अल्पकालिक पैचवर्क नहीं बल्कि दीर्घकालिक और अभिनव समाधान चाहिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हम ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं जो आने वाले दशकों तक दिल्ली की सेवा करेंगी। यह कॉरिडोर दिल्ली की समग्र मोबिलिटी रणनीति का हिस्सा है। हमारा लक्ष्य केवल सड़क बनाना नहीं बल्कि नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष सुधार लाना है। हर परियोजना को व्यावहारिक और प्रभावी परिणामों से जोड़ा जा रहा है।
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