सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने से जुड़े मामले में बुधवार को राउज एवेन्यू अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। वकीलों की हड़ताल के कारण मजिस्ट्रेट अदालत ने सुनवाई छह नवंबर तक टाल दी। यह शिकायत वकील विकास त्रिपाठी ने दायर की है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिक बनी थीं। शिकायतकर्ता ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।
इससे पहले मजिस्ट्रेट अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था। शिकायतकर्ता ने इस फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी।
21 सितंबर को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश रद्द कर दिया और मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेज दिया। सत्र अदालत ने कहा था कि मजिस्ट्रेट ने शिकायत खारिज करने के लिए ठोस कारण नहीं बताए थे।
अदालत ने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट संबंधित पुलिस अधिकारी से मामले की स्थिति पर रिपोर्ट लें और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद नया आदेश दें। अब मजिस्ट्रेट अदालत मामले पर नए सिरे से विचार करेगी।