नोएडा की सबसे बड़ी 12 करोड़ की साइबर ठगी में शामिल चार जालसाज गिरफ्तार
- जालसाजों का चीन कनेक्शन आया सामने, देश भर में 10 राज्यों में 35 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं आरोपी
- साइबर थाने की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा, कई जालसाज रडार पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा की सबसे बड़ी 12 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में नोएडा पुलिस ने चार जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है। इन जालसाजों का चीन का कनेक्शन सामने आया है। चीन के साइबर क्रिमिनल के नेटवर्क में शामिल बदमाशों ने देश भर में 35 करोड़ से अधिक की ठगी की है। पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य जालसाजों का पता लगा रही है।
एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि 3 दिसंबर को शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया था। पुलिस टीम ने शनिवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया आरोपियों की पहचान बदायूं के अलापुर थाना के गांव डलवा सहीदा निवासी अर्जुन सिंह और पंकज गुप्ता, नवादा गांव निवासी रुपेंद्र पाल और सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के रशूलपुर गाांव निवासी तेजपाल के रूप में हुई है। सभी आरोपियों की उम्र 23 से 27 साल के बीच है। तेजपाल मुख्य आरोपी है। तेजपाल का चीन के साइबर जालसाजों के साथ कनेक्शन है और आशंका जताई जा रही है कि चीन के साइबर जालसाजों की शह पर इस तरह की साइबर ठगी में वह अपने साथियों के साथ शामिल है।
गिरफ्त में आए आरोपियों ने शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने के नाम पर देशभर के लोगों के साथ ठगी की है। जिस चीन के गैंग से आरोपियों का लिंक सामने आया है उसके द्वारा निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 35 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। पुलिस ने सबसे पहले अर्जुन सिंह को पकड़ा था। रुपेंद्र और तेजपाल स्थानीय लोगों को कमीशन देने के नाम पर उनकी जीएसटी व उद्यम प्रमाण पत्र बनवाकर फर्म खुलवाते हैं। इसके बाद उनका करंट बैंक खाता खुलवाया जाता है। तेजपाल के कहने पर रुपेंद्र खाताधारक को अपने साथ मुंबई ले जाता है। फिर अन्य साथियों की मदद से विभिन्न बैंक खातों में घटना से संबंधित धोखाधड़ी की धनराशि स्थानांतरित करते हैं।
दस प्रतिशत कमीशन पर देते हैं खाते : पुलिस की जांच में पता चला है कि तेजपाल व अन्य लोग दस फीसदी कमीशन पर खाते साइबर जालसाजों को देते हैं। वहीं तीन से पांच प्रतिशत खाताधारकों एवं मध्यस्थ को दिया जाता है। इन जालसाजों ने पिछले एक साल में 60 से अधिक बैंक खाते खुलवाए हैं। इन जालसाजों ने एनसीआर से लेकर कई राज्यों में साइबर ठगी की है। रुपेंद्र पाल और तेजपाल नोएडा साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामलों में पहले भी शामिल रहा है। इसमें पीडि़त के साथ निवेश के नाम पर 2.90 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी।
10 राज्यों के 43 साइबर क्राइम में शामिल :
नोएडा साइबर टीम ने जब आरोपियों के खातों की जांच की तब पता चला कि देश के कई राज्यों में इस गिरोह ने साइबर क्राइम की घटनाएं की है। एनसीआरपी पोर्टल पर इनके खिलाफ दस राज्यों की 43 शिकायतें मिली है। इनमें तेलंगाना में नौ, हरियाणा में आठ, महाराष्ट्र में चार, राजस्थान में एक, आंध्रप्रदेश में दो, कर्नाटक और गुजरात में पांच-पांच, केरल में तीन और दिल्ली में चार शिकायतें दर्ज मिली हैं। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में करीब 33 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।
मोबाइल में मिला चीन का कनेक्शन : गिरफ्तार आरोपी तेजपाल इस गिरोह का सरगना है और वह साइबर ठगी का मास्टरमाइंड है। तेजपाल व अन्य आरोपियों के पास से पांच आईफोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस जांच के लिए मोबाइल को फॉरेंसिक लैब भेजेगी। इन मोबाइल में ही आरोपियों का चीन कनेक्शन सामने आया है।