ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में महायोजना-2041 के लिए नाले-नालियां, सीवर और पेयजल आपूर्ति की एकल योजना बनेगी। फरीदाबाद की कंपनी आर्शिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स को इसके लिए काम सौंपा गया है। यह कंपनी तीन महीने में सर्विस प्लान तैयार करेगी। यमुना प्राधिकरण इस पर करीब 2.95 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बुधवार को वित्तीय बिड खुलने के बाद कंपनी को टेंडर अवॉर्ड किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अभी 2031 तक का सर्विस प्लान बना था। इसके बाद महायोजना 2041 फेज-1 में लागू है। ऐसे में सर्विस प्लान भी बदलने की जरूरत है। इससे फेज-1 के 41 आवासीय व औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से विकसित हो सकेंगी। इससे पता होगा कि नाले-नालियों के अलावा सीवरेज व पानी की लाइनों को किस तरह डिजाइन किया जाना है। प्राकृतिक नालों को इस सर्विस प्लान में बिना किसी बदलाव के शामिल किया जाएगा।
जीएम प्रोजेक्ट राजेंद्र भाटी ने बताया कि बारिश, जलापूर्ति और सीवरेज के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाकर काम करने की जगह यमुना प्राधिकरण पूरी टाउनशिप के लिए एकल इंटीग्रेटेड सर्विस मास्टर प्लान बना रहा है। तीन कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुईं। अब चुनी गई कंपनी अपना काम इसी महीने शुरू करेगी। कंसल्टेंट की भूमिका सर्विस मास्टर प्लान तैयार करने के अलावा यमुना सिटी फेज-1 में इस प्लान पर काम कराने के लिए भी शामिल रहेगी।
इन बिंदुओं पर होना है काम
- पूर्व में हुए कामों के बाद जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम के गैप का आकलन।
- मौजूदा और भविष्य की जरूरतों का आकलन।
- उपयोग हुए पानी का शोधन कर अधिकाधिक पुनर्उपयोग।
- आधुनिक तकनीक के उपयोग की व्यापक स्तर पर संभावनाओं का सुझाव।
- महायोजना 2041 में तय भू-उपयोग को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना।
-
अतुल भारद्वाज