दक्षिण दिल्ली में बारिश का पानी सहेजने और भूजल रिचार्ज में अहम भूमिका निभाने वाले 50 से ज्यादा तालाब और जलाशय अब जमीन पर मौजूद नहीं हैं। सरकारी रिकॉर्ड में जिले में 135 तालाब, झील और जलाशय दर्ज हैं, लेकिन जमीनी स्थिति इन रिकॉर्ड से अलग है।
कई जगह जलाशयों की जमीन पर मकान और सड़क बन चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर कूड़ा, गाद और झाड़ियों के कारण इनका अस्तित्व लगभग खत्म हो गया है। दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण की रिपोर्ट में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां रिकॉर्ड में जलाशय दर्ज है, लेकिन मौके पर उसका कोई अस्तित्व नहीं मिला।
दक्षिण दिल्ली के जलाशय असोला, भाटी, महरौली, वसंत कुंज, हौज खास, साकेत, मैदान गढ़ी, डेरा मंडी, आया नगर और खिड़की समेत 30 से अधिक इलाकों में फैले हैं। रिकॉर्ड में हौज खास झील का क्षेत्रफल करीब 142 हेक्टेयर दर्ज है, जबकि असोला में एक जलाशय महज 0.00175 हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज है। जो जलाशय मौजूद हैं, उनमें भी कई की स्थिति खराब है। गाद और कूड़े के जमाव के साथ किनारों पर झाड़ियां उग आई हैं। कई जगह पानी की आवक और निकासी के रास्ते बंद हैं।