नई दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित बाल रंगमंच महोत्सव, रंग अम्लान 2026 के चौथे दिन असम के पोहर ग्रुप ने ‘जाके जाके जय उड़ी सराय’ नाटक का मंचन किया। उत्पल कुमार दास द्वारा लिखित और पराग सरमाह द्वारा निर्देशित यह नाटक एक बुजुर्ग व्यक्ति और उसके पोते कोंटिलौ के बीच संवाद पर आधारित है जिसमें वह बताता है कि पक्षी हमेशा समूह में क्यों उड़ते हैं। कहानी में पक्षियों का एक झुंड अपनी मां की चेतावनी को अनदेखा कर शिकारी के जाल में फंस जाता है। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे एकजुट होकर अपनी मां के मार्गदर्शन का पालन करते हैं और मिलकर जाल सहित उड़कर वहां से निकल जाते हैं। इसके जरिए एकता, सहयोग, बड़ों के अनुभव का सम्मान और सही सलाह को सुनने की महत्ता बताई गई। कलाकार अभिस्नेहा सरमाह (कोका), अनुराग बोरा (कोंटिलौ), नीलिमोय परीक्षित सरकार (शिकारी), अंशिका शिवम (मदर बर्ड), मंगल्या भट्टाचार्य, हृषिका दास, तनिष्ठा बोरा, अतरेयी लाहोन और अनुष्का प्रियम दास (पक्षी) की भूमिका निभा रहे थे। वहीं, गायन में बिनोद भारद्वाज, हियास्मिता सरमाह, मुर्चना सरमाह, गरिमा बरुआ, आकांक्षा डेका और अभिश्री भारद्वाज का सहयोग रहा। साथ ही नाटक के संगीत पक्ष में लक्ष्यजीत सैकिया, रवि शंकर शर्मा और अर्को गांगुली का योगदान रहा। संवाद